मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जिला सचिवालय स्थित प्रथम तल पर उद्यमियों के साथ बैठक की। हम बता दें कि पानीपत में करीब 25 हजार छोटे और बड़े उद्योग हैं। करीब 15 हजार करोड़ का निर्यात और 80 हजार करोड़ रुपये का घरेलू बाजार है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पानीपत में उद्यमियों के साथ वीरवार को बैठक की। उनहोंने उद्यमियों से बजट को लेकर उनकी उम्मीद जानने के साथ उनकी समस्याओं के साथ समाधान पर भी चर्चा की। हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स के बैनर तले 30 औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि इसमें शामिल होंगे। चैंबर ऑफ कॉमर्स ने जेडएलडी और पानीपत क्लस्टर बनाने समेत 18 प्रस्तावों का एक मांगपत्र सौंपा है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जिला सचिवालय स्थित प्रथम तल पर उद्यमियों के साथ बैठक की। हम बता दें कि पानीपत में करीब 25 हजार छोटे और बड़े उद्योग हैं। करीब 15 हजार करोड़ का निर्यात और 80 हजार करोड़ रुपये का घरेलू बाजार है। पानीपत के कई उद्योगपति अंतरराष्ट्रीय बाजार में चाइना का मुकाबला कर रहे हैं। कई उद्यमी चाइना से भी आगे हैं।

वे अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती के साथ जमे हुए हैं। इन सबके बीच उद्यमी स्थानीय स्तर पर कई मूलभूत सुविधाओं व अन्य समस्याओं से कई वर्षों से जूझ रहे हैं। वे इनके समाधान को लेकर स्थानीय प्रशासन से ऊपर तक अपनी मांग रख चुके हैं। इस क्षेत्र में पहले से कुछ सुधार हुआ है लेकिन इसमें अब भी काम करने की जरूरत है।

उद्यमी इन प्रमुख मांगों को रखा

  • जीरो लिक्विड डिस्चार्ज पानीपत के उद्योगपतियों की कई वर्षों की मांग है। फैक्ट्री से निकल पानी प्लांट में जाएगा। यहां पानी को शुद्ध कर फिर से फैक्ट्री में प्रयोग के लिए दिया जाएगा। उद्योगपति सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और सीईटीपी में शोधित पानी इसके लिए देने की बात कह चुके हैं।
  • पानीपत की पहचान टेक्सटाइल नगरी से है। यहां टेक्सटाइल पार्क की मांग उद्यमी कर रहे हैं। यह केंद्र सरकार से जुड़ा विषय है। उद्यमी सीएम के सामने इस विषय को रखेंगे।
  • उद्यमी पूरे जिले की एक सब्सिडी की मांग रखेंगे। उद्यमियों का कहना है कि अब सरकार ने कई कैटेगरी बना रखी हैं। इन कैटेगरी को खत्म कर एक समान सब्सिडी दी जानी चाहिए।
  • उद्यमी नए उद्योग लगाने को लेकर बैंक से लोन लेते हैं। उनको बैंक द्वारा निर्धारित दर पर पैसा मिलता है। उद्यमी ब्याज में छूट की मांग करेंगे।
  • उद्योग लगाने के लिए उद्यमी अपने स्तर पर जमीन खरीदता है और उसकी रजिस्ट्री कराता है। ऐसे में उनको तय स्टांप ड्यूटी देनी होती है। उद्यमी अब इस स्टांप ड्यूटी में छूट की मांग करेंगे।