Kisan Mahapanchyat खनौरी बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन को एक साल पूरा होने पर आज किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में देशभर से किसान नेता शामिल हो रहे हैं। किसान नेताओं का दावा है कि इस महापंचायत में 50 हजार से ज्यादा किसानों के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सतर्क है और बॉर्डर पर 12 अर्धसैनिक बलों और पुलिस की टुकड़ियां तैनात की गई हैं।

महापंचायत की शुरुआत और किसान नेता को हार्ट अटैक
महापंचायत की शुरुआत अरदास के साथ हुई, जिसमें कई वरिष्ठ किसान नेता मौजूद रहे। इसी दौरान किसान नेता बलदेव सिरसा को अचानक हार्ट अटैक आ गया, जिसके बाद उन्हें चंडीगढ़ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस खबर से आंदोलन स्थल पर हलचल मच गई।
किसान नेताओं का ऐलान – जारी रहेगी लड़ाई
महापंचायत में किसान नेता अपनी मांगों को लेकर जगजीत सिंह डल्लेवाल के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर वे अपनी लड़ाई को आगे नहीं बढ़ाते, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए खेती मुश्किल हो जाएगी। किसानों की मुख्य मांग न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी समेत अन्य मुद्दे हैं। 14 फरवरी को केंद्र सरकार के साथ प्रस्तावित बैठक को लेकर भी रणनीति तैयार कर ली गई है।
लगातार पहुंच रहे किसान, पैदल जत्थे भी शामिल
महापंचायत में भाग लेने के लिए किसान लगातार खनौरी बॉर्डर पर पहुंच रहे हैं। कई किसान संगठन पैदल मार्च करते हुए नरवाना रोड के रास्ते बॉर्डर पर पहुंचे। रत्नपुरा मोर्चा से इंद्रजीत सिंह पन्नीवाल, संदीप सिंह, सुखजीत सिंह हरदोझंडे और मनप्रीत सिंह समेत कई प्रमुख किसान नेता इस मौके पर मौजूद रहे।
प्रशासन हाई अलर्ट, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
महापंचायत को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। किसी भी अनहोनी से बचने के लिए बार्डर पर भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। 12 अर्धसैनिक बलों और पुलिस की टुकड़ियों को बॉर्डर पर मुस्तैद किया गया है, ताकि आंदोलन में किसी भी तरह की बड़ी गतिविधि को रोका जा सके।