Karnal News करनाल नगर निगम चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक खुराना ने पार्टी से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया। उनके साथ जिला संयोजक सरदार त्रिलोचन सिंह, नीतू मन समेत कई अन्य नेता भी भाजपा में शामिल हुए।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में हुई सदस्यता ग्रहण
भाजपा प्रदेश कार्यालय ‘कर्ण कमल’ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडोली ने सभी नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलवाई। इस मौके पर अशोक खुराना ने कांग्रेस पार्टी के प्रति अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की।
कांग्रेस से नाराजगी की वजह बताई
अशोक खुराना ने कहा कि उन्होंने हमेशा कांग्रेस पार्टी का समर्थन किया। चाहे वह ‘भारत जोड़ो यात्रा’ हो या कोई अन्य प्रदर्शन, वे हर बार पार्टी के लिए सक्रिय रूप से खड़े रहे। उन्हें उम्मीद थी कि कांग्रेस उन्हें मेयर पद का उम्मीदवार बनाएगी, लेकिन पार्टी ने हाल ही में शामिल हुए मनोज वाधवा को टिकट दे दिया।
“हमेशा पार्टी के लिए खड़ा रहा, फिर भी मौका नहीं मिला”
खुराना ने कहा कि पार्टी के लिए लगातार काम करने के बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया गया। इससे आहत होकर उन्होंने कांग्रेस छोड़ने का फैसला लिया। उन्होंने कहा, “मैंने पूरी निष्ठा से पार्टी के लिए काम किया, लेकिन पार्टी ने मेरे योगदान को नजरअंदाज कर दिया।”
भाजपा में शामिल होकर दी नई शुरुआत की चेतावनी
भाजपा में शामिल होते ही अशोक खुराना ने कहा कि अब वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में जनता की सेवा करेंगे। उन्होंने भाजपा की नीतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि भाजपा ही एकमात्र पार्टी है जो क्षेत्र के विकास और जनता की भलाई के लिए काम कर रही है।
कई बड़े नेता भी हुए भाजपा में शामिल
अशोक खुराना के साथ-साथ जिला संयोजक सरदार त्रिलोचन सिंह और नीतू मन समेत कई प्रमुख नेताओं ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस बदलाव से करनाल नगर निगम चुनाव में भाजपा की स्थिति और मजबूत होने की संभावना है।