Kaithal News हरियाणा के कैथल जिले में मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। शुरुआती जांच में ककराला इनायत और ककहेड़ी गांव में गड़बड़ी की पुष्टि हुई है। इन गांवों में ऐसे लोगों की मस्ट्रोल में उपस्थिति दर्ज की गई है जो विदेश में रहते हैं। उनके नाम पर जॉब कार्ड बनाकर फर्जी हाजिरी दिखाकर रकम हड़पने की बात सामने आई है।

जिम्मेदार अधिकारी निलंबित
इस मामले में मनरेगा के मेट रणधीर सिंह, अनुज और सतपाल को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा सिंचाई विभाग के चार जेई—सोनू, शुभम धीमान, सलिंद्र कुमार, और मुनीष के खिलाफ अनियमितताओं की जांच की जा रही है। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) नेहा शर्मा ने सिंचाई विभाग को पत्र लिखकर इस मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
जांच बैठक में हुआ खुलासा
मंगलवार को जिला स्तरीय विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ। बैठक में पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 11 महीनों में मनरेगा के तहत 18 करोड़ रुपये खर्च किए गए। सांसद नवीन जिंदल और डीसी प्रीति ने इस पर गंभीर सवाल उठाए। कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस और भाजपा विधायक सतपाल जांबा ने बताया कि उनकी जांच में पाया गया कि विदेश में रहने वाले लोगों के नाम पर मस्ट्रोल में फर्जी उपस्थिति दर्ज की गई थी।
40 से ज्यादा फर्जी नामों का मामला
बीडीपीओ नेहा शर्मा ने बताया कि ककराला इनायत गांव से 40 से ज्यादा ऐसे लोगों के नाम मस्ट्रोल में दर्ज हैं जो विदेश में हैं। सरपंच और सचिव से इस मामले पर रिपोर्ट मांगी गई है। यह गड़बड़ी सिंचाई विभाग के कन्वर्जेंस के तहत हो रहे कार्यों में सामने आई, लेकिन इसमें लेबर मनरेगा विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही थी।
दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन
सिंचाई विभाग के एक्सईएन दिग्विजय शर्मा ने कहा कि कमलजीत कौर की शिकायत के बाद यह मामला बीडीपीओ कार्यालय को भेजा गया। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक जांच में चार जेई के नाम सामने आए हैं, जिनसे जवाब मांगा गया है।
गंभीर गड़बड़ी पर सख्त कदम की जरूरत
कैथल के इस मामले ने मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार और गड़बड़ी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का दावा है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, लेकिन यह घटना पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता को उजागर करती है।