HARYANA VRITANT

Jind News दिल्ली की नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का जन्म हरियाणा के जींद जिले के जुलाना खंड के नंदगढ़ गांव में हुआ था। करीब 49 साल पहले उनका परिवार दिल्ली चला गया, लेकिन उनका अपने गांव से अब भी गहरा नाता है। रेखा गुप्ता के मुख्यमंत्री बनने की खबर से नंदगढ़ गांव से लेकर जुलाना तक जश्न का माहौल है।

भाजपा के टिकट पर दिल्ली के शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतने वाली नंदगढ़ की बेटी अब दिल्ली की मुख्यमंत्री बनेंगी। जैसे ही उन्हें भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया, उनके पैतृक गांव नंदगढ़ से लेकर जुलाना मंडी और जींद में उनके परिवार व समर्थकों में उत्साह फैल गया।

गांव से जुड़ा है गहरा रिश्ता

नंदगढ़ गांव के पूर्व सरपंच हरिओम ने बताया कि रेखा गुप्ता का परिवार भले ही 49 साल पहले गांव छोड़कर दिल्ली चला गया हो, लेकिन उनका गांव से भावनात्मक जुड़ाव बना हुआ है। हालांकि, उनके पैतृक मकान को अब गांव के ही चांदीराम ने खरीद लिया है और वही वहां रहते हैं।

राजनीति से नहीं था परिवार का कोई नाता

रेखा गुप्ता के चाचा रमेश जिंदल, जो जुलाना मंडी में आढ़त की दुकान चलाते हैं, ने बताया कि उनके परिवार का राजनीति से कोई संबंध नहीं रहा। जब रेखा गुप्ता दो साल की थीं, तब उनके पिता मनीराम की नौकरी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में लग गई थी। इसके बाद 1976 में पूरा परिवार दिल्ली शिफ्ट हो गया। उनकी पूरी शिक्षा और राजनीतिक जीवन दिल्ली में ही गुजरा है।

मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे थीं रेखा गुप्ता

दिल्ली की मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में रेखा गुप्ता का नाम सबसे आगे था। भाजपा विधायक दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुना गया। 1974 में जन्मी रेखा गुप्ता ने स्कूल के समय से ही राजनीति में रुचि दिखाई। वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़ गईं और दिल्ली विश्वविद्यालय की अध्यक्ष भी बनीं।

जींद जिले से पहली बार कोई बना मुख्यमंत्री

जींद जिले के लिए यह गौरव का पल है क्योंकि पहली बार इस जिले से कोई नेता मुख्यमंत्री बना है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने हरियाणा के मुख्यमंत्री बनने के लिए कई बार प्रयास किए, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। अब दिल्ली में जींद की बेटी मुख्यमंत्री बनकर इतिहास रच रही हैं।

मंडी में जश्न का माहौल

जैसे ही रेखा गुप्ता के मुख्यमंत्री बनने की खबर आई, जुलाना की अनाज मंडी में उनके चाचा रमेश जिंदल की दुकान पर भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग एकत्रित हो गए। लोगों ने लड्डू बांटे, पटाखे फोड़े और भाजपा के झंडे लहराकर जश्न मनाया।

छात्र राजनीति से मुख्यमंत्री तक का सफर

रेखा गुप्ता का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ। वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़कर छात्र हितों के लिए सक्रिय रहीं। दिल्ली विश्वविद्यालय की अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने भाजपा में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की। विधायक बनने के बाद पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी।

उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरे जींद जिले में उत्साह का माहौल है।