HARYANA VRITANT

Jhajjar News झज्जर जिले के सासरौली गांव के निवासी वीरेंद्र सिंह उर्फ गूंगा पहलवान, जो भीम अवार्डी, अर्जुन अवार्डी और पद्मश्री जैसे सम्मान प्राप्त कर चुके हैं, अब 2025 में जर्मनी के टोक्यो में होने वाले डेफ ओलंपिक की तैयारी में व्यस्त हैं। अपने अखाड़े में कठिन मेहनत करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिव्यांग खिलाड़ियों को दी जाने वाली सुविधाओं के लिए धन्यवाद किया है।

सोशल मीडिया पर मांगा प्रधानमंत्री का आशीर्वाद

वीरेंद्र सिंह ने एक्स पर लिखा, “मैं माननीय प्रधानमंत्री जी का तहे दिल से धन्यवाद करता हूं, आपने दिव्यांग खिलाड़ियों को सशक्त बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इसी सम्मान के कारण मैं अपने छठे डेफ ओलंपिक की तैयारी कर रहा हूं। मेहनत मेरी, आशीर्वाद आपका!”

10 साल की उम्र में शुरू हुआ कुश्ती का सफर

वीरेंद्र सिंह ने 10 वर्ष की आयु में कुश्ती खेलना शुरू किया। देहाती दंगलों से अपने सफर की शुरुआत करने वाले गूंगा पहलवान ने जल्द ही डेफ कुश्ती चैंपियनशिप में अपनी पहचान बनाई।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन

डेफ ओलंपिक में तीन स्वर्ण और दो कांस्य

  1. 2005 (ऑस्ट्रेलिया): मूक-बधिर ओलंपिक में स्वर्ण पदक।
  2. 2009 (चीन): कांस्य पदक।
  3. 2013 (बुल्गारिया): सोफिया में स्वर्ण पदक।
  4. 2017 (तुर्की): स्वर्ण पदक।
  5. 2022 (ब्राजील): कांस्य पदक।

अन्य उपलब्धियां

  • 2021: पद्मश्री से सम्मानित।
  • 2016: अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया।
  • 2022: भीम अवार्ड से सम्मानित।

देश का गौरव

विश्व कुश्ती प्रतियोगिताओं में भी शानदार प्रदर्शन करने वाले गूंगा पहलवान ने कई पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया है। उनका लक्ष्य अब 2025 में छठे डेफ ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर एक और इतिहास रचने का है।