IDFC Bank Fraud : जननायक जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने हरियाणा सरकार के खातों में 590 करोड़ रुपए घोटाले की जांच सीबीआई व गंभीर फ्रॉड जांच अधिकारी (SFIO) की टीम से कराने की मांग की है।

इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम घोष, मुख्यमंत्री नायब सैनी, सीबीआई निदेशक और एसएफआईओ निदेशक को बुधवार को पत्र भेजकर मांग की है।
दो निजी बैंकों में हरियाणा सरकार के 590 करोड़ रुपये का ग़बन बहुत गंभीर मामला है। इसने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्न खड़ा कर दिया है। सरकारी पैसे को खुर्द-बुर्द करने के असली दोषियों तक पहुंचना ज़रूरी है।
— Dushyant Chautala (@Dchautala) February 25, 2026
इस मामले की जांच सीबीआई से करवाने के लिए माननीय प्रधानमंत्री… pic.twitter.com/9mRTlVSTk9
दुष्यंत चौटाला ने बताया | IDFC Bank Fraud
IDFC Bank Fraud और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की चंडीगढ़ शाखा में जमा सार्वजनिक धनराशि से संबंधित गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले की जांच पुलिस की जगह बड़ी सक्षम एजेंसी से कराना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यह घोटाला तब सामने आया, जब राज्य सरकार के एक विभाग ने अपना खाता बंद कर धनराशि अन्य बैंक में ट्रांसफर करने का अनुरोध किया। इस बड़ी धोखाधड़ी में बैंक कर्मचारियों और बाहरी तत्वों के बीच मिलीभगत के साफ संकेत देखने को मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह सार्वजनिक धनराशि से संबंधित अत्यंत गंभीर मामला है इसलिए फॉरेंसिक, बैंकिंग धोखाधड़ी और कॉर्पोरेट से जुड़े कानूनों के तहत जांच होना अति महत्वपूर्ण है, जो कि सीबीआई और एसएफआईओ की टीमों द्वारा ही संभव है।
पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा घोटाले की जांच के लिए केंद्र सरकार द्वारा सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय न्यायिक जांच समिति गठित होनी चाहिए। घोटाले की राशि को अन्य राज्यों में भी ट्रांसफर करने की संभावना हो सकती है, ऐसे में सीबीआई कई राज्यों में इस मामले की जांच प्रभावी तरीके से कर सकती है।