HARYANA VRITANT

Hisar News हरियाणा में मौसम परिवर्तन के साथ ही वीरवार से ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

तेज हवा और बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, हरियाणा के कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। इसके अलावा, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जिससे ठंडक में भी इजाफा होगा।

फसलों को हो सकता है नुकसान

खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल के लिए तेज हवा और ओलावृष्टि खतरा बन सकते हैं। इससे फसलें बिछ सकती हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। इससे पहले हुई ओलावृष्टि के कारण 30% तक फसल प्रभावित हुई थी।

पश्चिमी विक्षोभ के कारण बदलेगा मौसम

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते 27 फरवरी की रात से 1 मार्च तक हरियाणा में मौसम अस्थिर बना रहेगा। कई हिस्सों में बूंदाबांदी या हल्की वर्षा होने की संभावना है।

इन जिलों में बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने जिन जिलों में बारिश का पूर्वानुमान जताया है, वे हैं:

  • उत्तर हरियाणा: पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल।
  • मध्य हरियाणा: पानीपत, सोनीपत, जींद, रोहतक, झज्जर।
  • पश्चिम हरियाणा: हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, भिवानी, चरखी दादरी।

फरवरी में पांचवां पश्चिमी विक्षोभ

फरवरी महीने में यह पांचवां पश्चिमी विक्षोभ है। हालांकि, इस साल सर्दी के मौसम में बारिश पहले की तुलना में कम हुई है, जिससे किसानों में निराशा देखी जा रही है।

गेहूं की फसल के लिए खतरा?

फरवरी के अंतिम सप्ताह में गेहूं की फसल में बालियां आ गई हैं, लेकिन दाना अभी नहीं पड़ा है। ऐसे में यदि तेज हवा और बारिश होती है, तो फसल जमीन पर बिछ सकती है, जिससे उपज में भारी गिरावट आ सकती है।

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सुझाव दिया है कि वे मौसम अपडेट पर ध्यान दें और फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं।