HARYANA VRITANT

Hisar News हिसार हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने का काम 2014 में शुरू हुआ। शुरुआत में 200 एकड़ जमीन के साथ एयरपोर्ट तैयार किया गया, जिसे बाद में दो चरणों में 7,000 एकड़ तक विस्तारित किया गया। यह परियोजना भारत के सबसे बड़े एयरपोर्ट में से एक बनने की ओर अग्रसर है।

डीजीसीए लाइसेंस के लिए तैयारियां

एयरपोर्ट के लाइसेंस हेतु डीजीसीए (डायरेक्टरेट ऑफ सिविल एविएशन) का निरीक्षण जल्द होने वाला है। नागरिक उड्डयन विभाग के सलाहकार नरहरि सिंह बांगर ने बुधवार को एयरपोर्ट का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। बांगर ने लाइसेंस से संबंधित सभी आवश्यकताओं की समीक्षा की और आवश्यक संसाधनों पर चर्चा की।

44 आपत्तियां और सुधार

पिछले निरीक्षण के दौरान डीजीसीए ने 44 आपत्तियां दर्ज की थीं। इन सभी आपत्तियों को दूर कर हिसार एयरपोर्ट अथॉरिटी ने डीजीसीए को सूचित कर दिया है।

2030 तक टर्मिनल निर्माण का लक्ष्य

एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने 500 करोड़ की लागत से टर्मिनल का निर्माण शुरू कर दिया है। यह टर्मिनल अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार 2030 तक पूरा होगा। इसका क्षेत्रफल 37,970 वर्ग मीटर होगा और यह प्रारंभ में 2.1 मिलियन यात्रियों को सेवा देगा, जिसे बाद में 3.6 मिलियन यात्रियों तक बढ़ाया जाएगा।

नए उपकरण और संसाधन तैयार

  • एटीसी टावर और कैट लाइट: नाइट लैंडिंग के लिए तैयार।
  • डीवीओआर नेविगेशन सिस्टम: राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विमान की दिशा निर्देशन के लिए लगाया गया।
  • आग बुझाने की गाड़ियां: एयरपोर्ट पर सुरक्षा के लिए दो विशेष गाड़ियां उपलब्ध।

एलआईएस सिस्टम की स्थापना शेष

नाइट लैंडिंग की अनुमति के लिए लैंडिंग इंस्ट्रूमेंट सिस्टम (एलआईएस) लगाना अभी बाकी है। अगर लाइसेंस मिलने के बाद यह सिस्टम जोड़ा जाता है, तो नाइट लैंडिंग के लिए नया लाइसेंस लेना होगा।

उड़ान सेवा शुरू होने की उम्मीद

लाइसेंस प्राप्त होते ही हिसार एयरपोर्ट से अयोध्या, जम्मू, जयपुर और अहमदाबाद के लिए हवाई सेवा शुरू की जाएगी। इसके लिए एलायंस एयर के साथ समझौता किया जा चुका है।

प्रधानमंत्री का दौरा और विशेष उड़ान

विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विमान इस एयरपोर्ट पर उतरा, जो विस्तारित हवाई पट्टी पर पहली बार इतना बड़ा विमान उतारने का उदाहरण बना।

भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने की ओर

हिसार एयरपोर्ट के पास 7,200 एकड़ जमीन है, जो इसे देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनाएगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस प्रोजेक्ट से क्षेत्र में रोजगार और पर्यटन के नए अवसर खुलेंगे।