Hisar News हरियाणा में ओलावृष्टि और बारिश से फसलों को हुए नुकसान के आकलन के लिए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें सक्रिय हो गई हैं। किसानों के लिए राहत की खबर है कि सोमवार से ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर फसल के नुकसान की जानकारी दर्ज कराई जा सकती है। जिला उपायुक्तों द्वारा भेजी गई रिपोर्ट और पोर्टल पर दर्ज विवरण के आधार पर नुकसान का आकलन किया जाएगा।

ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर जानकारी दे सकते हैं किसान
किसानों को उनकी फसलों के नुकसान का मुआवजा दिलाने के लिए राज्य सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल शुरू किया है। किसान अपनी फसलों के नुकसान का ब्यौरा इस पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं। उपायुक्तों को निर्देश दिया गया है कि जिलावार रिपोर्ट तैयार कर भेजी जाए।
प्रभावित क्षेत्रों का प्रारंभिक आकलन
प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, भिवानी के तोशाम, लोहारू और बवानी खेड़ा; फतेहाबाद के रतिया और भट्टू कलां; हिसार के नारनौंद व हांसी; महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल व महेंद्रगढ़; रेवाड़ी के बावल और कनीना; तथा हथीन में फसलों को भारी नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि से सरसों, सब्जियों और गेहूं की फसलें सबसे अधिक प्रभावित हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने जिला उपायुक्तों से मांगी रिपोर्ट
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि नुकसान की रिपोर्ट जल्द से जल्द तैयार की जाए। सरकार ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
किसानों के लिए बोनस और योजनाएं
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने धान उत्पादक किसानों के लिए 90 करोड़ रुपये का बोनस जारी किया है। मुख्यमंत्री द्वारा घोषित सूखा राहत योजना के तहत प्रति एकड़ 2000 रुपये का बोनस प्रदान किया गया है।
बजट में किसानों के हित की योजनाओं की रूपरेखा
कृषि मंत्री ने अधिकारियों से किसानों के लाभ के लिए योजनाओं का प्रस्ताव बजट में शामिल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सभी 24 फसलों की खरीद को प्राथमिकता देने की बात कही है।