Hisar News भारतीय वायुसेना के 18 पायलट तीन दिन तक हिसार एयरपोर्ट पर अलग-अलग समय में रिहर्सल करेंगे। इस पूरे अभ्यास की निगरानी वायुसेना और प्रशासनिक अधिकारी करेंगे। सोमवार को ही वायुसेना और आर्मी के जवान एयरपोर्ट पर पहुंच चुके हैं। एयरपोर्ट अथॉरिटी को इस अभ्यास की पूर्व अनुमति दी गई है और हरियाणा सरकार को भी इस बारे में सूचित किया गया है।

हिसार एयरपोर्ट का आपातकालीन उपयोग परखा जाएगा
4 से 6 फरवरी तक चलने वाले इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान हिसार एयरपोर्ट पर उतरेंगे। 10,000 फीट लंबी हवाई पट्टी पर विमानों के लैंडिंग और टेकऑफ का परीक्षण किया जाएगा। इस पूरे अभ्यास का नेतृत्व सिरसा एयरफोर्स स्टेशन के ग्रुप कैप्टन करेंगे।
हिसार को मिल सकता है वैकल्पिक एयरबेस का दर्जा
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य किसी आपातकालीन स्थिति में हिसार एयरपोर्ट की उपयोगिता को परखना है। वायुसेना के लड़ाकू विमान यहां से उड़ान भरकर सिरसा और अंबाला एयरबेस तक कितनी देर में पहुंच सकते हैं, इसका भी परीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा, सिरसा एयरफोर्स स्टेशन और हिसार आर्मी कैंट से एयरपोर्ट की दूरी समेत अन्य सभी पहलुओं का ब्योरा तैयार किया जाएगा।
पीएम मोदी का विमान भी यहीं उतरा था
यह पहली बार नहीं है जब हिसार एयरपोर्ट पर वायुसेना का विमान उतरा हो। सितंबर 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान उनका हवाई जहाज यहीं लैंड हुआ था। यह नया रनवे पर उतरने वाला पहला बड़ा विमान था। जल्द ही एयरपोर्ट पर ट्रायल रन भी किया जाना है।
फरवरी के अंत तक मिल सकता है लाइसेंस
हिसार एयरपोर्ट को अब तक नागरिक उड्डयन विभाग से उड़ानों के संचालन की अनुमति नहीं मिली है। हरियाणा सरकार इस संबंध में डीजीसीए से संपर्क में है। संभावना है कि 22 से 24 फरवरी के बीच एयरपोर्ट को लाइसेंस मिल जाएगा। एयरपोर्ट संचालन से पहले एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से लाइसेंस लेना अनिवार्य है, जिसकी सभी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं।
सुरक्षा व्यवस्था होगी सीआईएसएफ के हवाले
एयरपोर्ट के विकास कार्य के दो चरण पूरे हो चुके हैं, जिनमें लगभग 300 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। तीसरे चरण का काम जल्द शुरू होगा। फिलहाल एयरपोर्ट की सुरक्षा का जिम्मा हरियाणा पुलिस की थर्ड बटालियन संभाल रही है, लेकिन संचालन शुरू होने के बाद इसे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को सौंपा जाएगा।