HARYANA VRITANT

Hisar News भारतीय वायुसेना ने हिसार एयरपोर्ट को रणनीतिक रूप से परखने के लिए तीन दिवसीय अभ्यास की योजना बनाई है। इस दौरान वायुसेना के लड़ाकू विमान यहां से उड़ान भरेंगे और उपलब्ध संसाधनों की जांच करेंगे। सिरसा एयरफोर्स स्टेशन और हिसार आर्मी कैंट से एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए सड़कों और अन्य सुविधाओं का भी आकलन किया जाएगा।

लड़ाकू विमानों की लैंडिंग और उड़ान का अभ्यास

7 फरवरी तक चलने वाले इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना के 18 पायलट तीन दिन तक अलग-अलग समय पर लड़ाकू विमानों से उड़ान भरेंगे। मंगलवार को वायुसेना के अधिकारी एयरपोर्ट पहुंचे, हालांकि उस दिन हवाई जहाज नहीं पहुंचे। बुधवार से लड़ाकू विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

हिसार एयरपोर्ट का आपातकालीन उपयोग

वायुसेना के लड़ाकू विमान एयरपोर्ट की 10,000 फीट लंबी हवाई पट्टी पर अभ्यास करेंगे। सिरसा एयरफोर्स स्टेशन के अधिकारियों की निगरानी में पूरा कार्यक्रम संचालित होगा। सेना की कई गाड़ियां सैन्य उपकरण लेकर एयरपोर्ट पहुंचीं। अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया और विभिन्न पहलुओं का मूल्यांकन किया।

हिसार एयरपोर्ट बनेगा बैकअप ऑप्शन?

इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य यह आकलन करना है कि किसी आपातकालीन स्थिति में हिसार एयरपोर्ट का कितना प्रभावी उपयोग किया जा सकता है। वायुसेना यह भी जांचेगी कि सिरसा और अंबाला एयरफोर्स स्टेशन के विकल्प के तौर पर हिसार एयरपोर्ट कितना उपयोगी हो सकता है। इसके तहत जेट विमानों को हिसार से सिरसा और अंबाला पहुंचने में लगने वाले समय का भी परीक्षण किया जाएगा।