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Hisar News हरियाणा के हिसार में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. गगनदीप मित्तल की अदालत ने गांव डाटा निवासी राममेहर उर्फ रमलू की हत्या कर शव कार में जलाने के मामले में मुख्य आरोपी राममेहर को दोषी करार दिया है। साथ ही, धारा 202 के तहत महिलाओं रानी और सुनीता को भी दोषी ठहराया गया है, जबकि महिला राधा और एक किशोर आरोपी को अदालत ने बरी कर दिया।

27 फरवरी को दोषियों को सुनाई जाएगी सजा

यह मामला 7 अक्टूबर 2020 को हांसी पुलिस द्वारा अज्ञात के खिलाफ हत्या और लूटपाट का केस दर्ज करने के बाद सामने आया था। पुलिस की गहन जांच के बाद राममेहर को आरोपी माना गया। अदालत अब 27 फरवरी को दोषियों को सजा सुनाएगी।

1.80 करोड़ रुपये का लोन बना हत्या की वजह

जांच में सामने आया कि मृतक राममेहर के नाम 1.41 करोड़ रुपये की बीमा पॉलिसी थी और उसने कारोबार के लिए 1.80 करोड़ रुपये का लोन लिया था। पुलिस ने वारदात के चार दिन बाद छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने गांव के ही राममेहर उर्फ रमलू को शराब पिलाई, फिर गला घोंटकर हत्या कर दी।

सुनीता ने बनाया था पूरा प्लान

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि राममेहर की फैक्ट्री में काम करने वाली सुनीता ने इस हत्या की साजिश रची थी। लॉकडाउन के दौरान शव को जलाने की योजना बनाई गई ताकि किसी को शक न हो। हत्या से पहले और बाद में सुनीता और राममेहर के बीच कई बार बातचीत हुई।

32 गवाह, 114 सबूत पेश

अभियोग के अनुसार, इस मामले में 32 लोगों ने गवाही दी और पुलिस ने 114 सबूत अदालत में पेश किए। घटना के दिन मृतक के बेटे ने बताया कि उसके पिता ने फोन कर कहा था कि उनकी कार का पीछा किया जा रहा है। बाद में पुलिस को जलती हुई कार मिली, जिसमें ड्राइवर सीट पर मृतक का कंकाल था। हत्या के बाद नकदी भी लूट ली गई थी।