HARYANA VRITANT

Haryana Weather पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। वीरवार के बाद शुक्रवार को भी प्रदेश के कई जिलों में बारिश हुई। सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, जींद, कैथल, अंबाला, यमुनानगर और पंचकूला में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। बारिश के साथ 16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं भी चलीं, जिससे तापमान में गिरावट आई है।

तापमान में गिरावट और ठंडी हवाएं

कुरुक्षेत्र में लगातार दूसरे दिन भी बारिश जारी रही, जिससे पूरे दिन मौसम ठंडा बना रहा। यहां अधिकतम तापमान 20 डिग्री और न्यूनतम 14 डिग्री दर्ज किया गया। पानीपत में भी शुक्रवार तड़के करीब साढ़े चार बजे बूंदाबांदी शुरू हुई। यहां भी दिनभर रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना बनी हुई है। इस दौरान अधिकतम तापमान 21 डिग्री और न्यूनतम 14 डिग्री दर्ज किया गया।

कृषि पर असर – गेहूं और सरसों की फसल को लाभ

हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के गेहूं विशेषज्ञ डॉ. ओपी बिश्नोई ने बताया कि यह बारिश किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। गेहूं और सरसों की फसल को इस बारिश से आवश्यक नमी मिलेगी, जिससे पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है। हालांकि, तेज हवाओं के कारण कुछ क्षेत्रों में फसल बिछने का खतरा बना हुआ है, लेकिन इसका नुकसान मामूली रहेगा। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे फिलहाल गेहूं और सरसों की फसल में सिंचाई न करें, क्योंकि बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बनी हुई है।

इस बार प्रदेश में गेहूं की खेती 24.64 लाख हेक्टेयर में की गई है और इससे 147.84 लाख टन उत्पादन होने का अनुमान है। वहीं, सरसों की फसल 7.11 लाख हेक्टेयर में बोई गई है और इससे 10.665 लाख टन उत्पादन की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में भी मौसम इसी तरह ठंडा बना रहेगा, जिससे फसलों को और फायदा होने की उम्मीद है।