Haryana Politics हरियाणा में कांग्रेस की हार के बाद पार्टी नेतृत्व ने बड़ा बदलाव किया है। कांग्रेस हाईकमान ने प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया को उनके पद से हटा दिया है और उनकी जगह वरिष्ठ नेता बीके हरि प्रसाद को हरियाणा कांग्रेस की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

दीपक बाबरिया क्यों हटाए गए?
दीपक बाबरिया ने विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद खुद अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए कांग्रेस नेतृत्व से नया प्रभारी नियुक्त करने का सुझाव दिया था। हालांकि, कांग्रेस के भीतर चर्चा यह भी है कि महासचिव कुमारी सैलजा और रणदीप सिंह सुरजेवाला के कहने पर बाबरिया को पद से हटाया गया।
हुड्डा खेमे से मधुर संबंध, लेकिन बाद में बढ़ा विरोध
बाबरिया ने चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा के साथ मिलकर काम किया, लेकिन चुनाव के बाद हुड्डा खेमा भी उनके खिलाफ हो गया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष चौधरी उदयभान से भी उनका मतभेद खुलकर सामने आया। उदयभान और बाबरिया के बीच कई बार संगठनात्मक सूची को लेकर टकराव हुआ।
18 सीटों पर मिली हार, लेकिन समय रहते नहीं दी जानकारी
विधानसभा चुनाव में हार के बाद बाबरिया ने दावा किया कि उन्हें अपनी पसंद के उम्मीदवार नहीं मिले, जिससे कई सीटों पर कांग्रेस को नुकसान हुआ।
चौधरी उदयभान ने बाबरिया पर आरोप लगाया था कि उन्हें 18 सीटों पर हार की जानकारी पहले ही मिल गई थी, लेकिन उन्होंने इसे छिपाकर रखा। हालांकि, बाद में बाबरिया ने सफाई दी कि उन्होंने उदयभान को यह सूचना पहले ही दे दी थी।
हरियाणा कांग्रेस के सामने चुनौतियां
हरियाणा कांग्रेस को अब बीके हरि प्रसाद के नेतृत्व में मजबूती देने की योजना बनाई जा रही है। उन्हें प्रदेश संगठन को फिर से खड़ा करने, पार्टी नेताओं को एकजुट करने और आगामी निकाय चुनावों में जीत सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके साथ जितेंद्र बघेल और प्रफुल्ल पटेल सह-प्रभारी के रूप में कार्यरत रहेंगे।