HARYANA VRITANT

Haryana Nikay Election अंबाला शहर में भाजपा की राजनीति में आमतौर पर पूर्व मंत्री असीम गोयल ही सबसे ज्यादा सक्रिय नजर आते हैं, जबकि मंत्री अनिल विज की भूमिका सीमित रहती है। यहां तक कि विधानसभा चुनाव के दौरान भी विज ने अंबाला सिटी से दूरी बनाए रखी थी।

निकाय चुनावों में भाजपा की नई रणनीति

भाजपा निकाय चुनावों में किसी भी तरह की कमी नहीं छोड़ना चाहती। इसी के तहत चुनाव प्रचार समिति का गठन और संयोजकों की नियुक्ति जैसे फैसलों के जरिए पार्टी, नेताओं के बीच की खटास को दूर करने की कोशिश कर रही है। हाल ही में भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने संयोजकों की सूची जारी की, जिसमें मंत्री अनिल विज को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई। पार्टी ने उन्हें नगर परिषद चुनाव के लिए अंबाला कैंट का संयोजक बनाया, जबकि नगर निगम मेयर उपचुनाव के लिए असीम गोयल के साथ संयोजक नियुक्त किया। इस फैसले से दोनों नेताओं को करीब लाने की कोशिश की जा रही है।

चुनाव प्रचार समिति के गठन में भी दिखा असर

भाजपा ने कुछ समय पहले निकाय चुनावों को लेकर चुनाव प्रचार समिति का गठन किया था। इसमें मंत्री अनिल विज, पूर्व मंत्री असीम गोयल और कालका विधायक शक्तिरानी शर्मा को मेयर चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसी तरह, इन तीनों नेताओं को अंबाला कैंट नगर परिषद चुनाव में भी अहम भूमिकाएं दी गई थीं।

अंबाला सिटी की राजनीति से दूर रहते हैं विज

अंबाला शहर में आमतौर पर पूर्व मंत्री असीम गोयल ही भाजपा की गतिविधियों में प्रमुखता से सक्रिय रहते हैं, जबकि अनिल विज का इसमें हस्तक्षेप बहुत कम होता है। विधानसभा चुनावों के दौरान भी विज ने अंबाला सिटी से दूरी बनाए रखी थी और पहले भी वह खुद को अपनी विधानसभा तक सीमित रखने की बात कह चुके हैं।