हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलने के बाद मशहूर सिंगर मासूम शर्मा ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि सरकार को गुमराह किया गया था। मुख्यमंत्री को यह जानकारी ही नहीं थी कि साइबर सेल द्वारा डिलीट किए गए 10 गानों में से 7 उनके ही थे।

‘सिर्फ मुझे टारगेट क्यों?’
मासूम शर्मा के मुताबिक, बाकी 3 गाने सिर्फ दिखावे के लिए डिलीट किए गए, ताकि ऐसा न लगे कि सिर्फ उनके गानों को हटाया गया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिलाया है।
‘गन कल्चर हटाना है तो सबके लिए बने कानून’
मीडिया से बातचीत में मासूम शर्मा ने कहा कि अगर सरकार गन कल्चर के खिलाफ है तो इसके लिए सख्त कानून बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सिर्फ चुनिंदा कलाकारों को निशाना बनाने के बजाय सभी पर समान नियम लागू होने चाहिए।
‘गाने तो लोग सुनेंगे ही!’
मासूम ने कहा कि हरियाणा में बैन लगेगा तो लोग पंजाबी गाने सुनेंगे, वहां भी रोक लगी तो भोजपुरी गाने चलेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि हरियाणवी संगीत इंडस्ट्री को खत्म करने और अश्लील गानों को बढ़ावा देने की साजिश हो रही है।
‘हरियाणा से होनी चाहिए शुरुआत’
उन्होंने सुझाव दिया कि गन कल्चर के खिलाफ अभियान हरियाणा से शुरू होना चाहिए, फिर इसे पंजाब और पूरे देश तक लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि गजेंद्र फोगाट जैसे लोगों को इलाज की जरूरत है, न कि ओएसपी पब्लिसिटी।
‘हमें कोई फर्क नहीं पड़ेगा’
मासूम शर्मा ने यह भी बताया कि गाने डिलीट होने से उनका आर्थिक नुकसान हो रहा है, लेकिन अगर सरकार नियम बनाकर सभी के लिए समान रूप से लागू करे, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी।