HARYANA VRITANT

Haryana News हरियाणा में शहरी निकाय चुनावों से पहले राज्य सरकार ने पुलिस और प्रशासन में बड़ा फेरबदल किया है। इस फेरबदल में 12 आईएएस, 11 आईपीएस, 67 एचसीएस और 13 एचपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। सरकार ने विवादित अधिकारियों के स्थान पर नए अधिकारियों की तैनाती की है, जिसमें अंबाला जिले के अधिकारियों को प्रमुखता दी गई है।

अंबाला में अधिकारियों के तबादले

अंबाला जिले में हालिया फेरबदल में अंबाला के डीसी पार्थ गुप्ता को पहले ही हटा दिया गया था। अब राज्य सरकार ने अंबाला की एएसपी सृष्टि गुप्ता और एचसीएस अधिकारी वीरेंद्र सिंह सहरावत के तबादले के आदेश जारी किए हैं। एचसीएस अधिकारी वीरेंद्र सिंह सहरावत को अतिरिक्त श्रम आयुक्त और हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड का सचिव नियुक्त किया गया है। अंबाला के मंडलायुक्त फूल चंद मीणा को रोहतक का मंडलायुक्त बनाया गया, जबकि अंबाला के नए मंडलायुक्त अंशज सिंह होंगे।

बाढ़ड़ा एसडीएम पर कार्रवाई

बाढ़ड़ा के एसडीएम सुरेश कुमार को सरकार ने हटा दिया है। ये कार्रवाई राज्यसभा सदस्य किरण चौधरी के फोन कॉल को न उठाने के बाद की गई। चौधरी का गुस्सा उस समय और बढ़ गया जब उन्होंने एसडीएम को फटकार लगाई और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

प्रमोट हुए अधिकारियों के पदस्थापन

राज्य सरकार ने प्रमोट हुए 11 आईपीएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। इसके अलावा, 12 आईएएस अधिकारियों के नए पदस्थापन भी किए गए हैं। इनमें से कुछ प्रमुख अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों के साथ नियुक्त किया गया है, जैसे कि आईएएस अमनीत पी कुमार को मत्स्य पालन विभाग की कमिश्नर और सचिव नियुक्त किया गया।

अधिकारी बदलने की प्रक्रिया

राज्य सरकार ने अधिकारीयों के तबादलों का सिलसिला जारी रखते हुए उनकी जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया है। खासकर स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और नगर निगम जैसे महत्वपूर्ण विभागों में अधिकारीयों को नए पदों पर तैनात किया गया है। इस फेरबदल से राज्य सरकार के कार्यों को और गति देने की उम्मीद जताई जा रही है।

अन्य महत्वपूर्ण बदलाव

इसके अलावा, कुछ महत्वपूर्ण अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किए गए हैं, जैसे- शेखर विद्यार्थी को अग्निशमन सेवाएं विभाग का महानिदेशक नियुक्त किया गया और विनय प्रताप सिंह को आबकारी एवं कराधान विभाग के आयुक्त का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया।

हरियाणा सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल का उद्देश्य चुनावी तैयारी को मजबूत करना और जनकल्याणकारी योजनाओं को तेजी से लागू करना है।