HARYANA VRITANT

Haryana News सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह को जानकारी मिली कि साहिब पुत्र जब्बार खान नामक व्यक्ति 20,000 रुपये में लिंग जांच का सौदा कर रहा है। इस सूचना की पुष्टि के लिए जिला समुचित प्राधिकरण झज्जर ने एक पीएनडीटी टीम का गठन किया।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रची रणनीति

जांच के लिए एक महिला को प्रलोभन ग्राहक बनाया गया, उसके पति और पुलिस हेड कांस्टेबल रीना (जो ननद का अभिनय कर रही थी) को 24 फरवरी को बिलासपुर चौक, तावडू भेजा गया। एजेंट साहिब ने उन्हें बरेजा कार में बैठाकर पहले अरावली हॉस्पिटल तावडू ले जाकर रेफरल स्लिप बनवाई और फिर ओम अल्ट्रासाउंड सेंटर ले गया।

20,000 रुपये लेकर किया लिंग जांच का खुलासा

सेंटर पर अल्ट्रासाउंड के लिए 1000 रुपये जमा करने के बाद एजेंट ने बताया कि गर्भ में लड़का है और इसके बदले 20,000 रुपये लिए। इस पूरी बातचीत की रिकॉर्डिंग महिला हेड कांस्टेबल रीना ने कर ली।

रंगे हाथों गिरफ्तारी, अल्ट्रासाउंड सेंटर सील

जैसे ही एजेंट ने पैसे लिए, प्रलोभन ग्राहक का पति पानी लेने के बहाने गाड़ी से उतरा और पास खड़ी पीएनडीटी टीम को इशारा किया। टीम ने तुरंत साहिब को 20,000 रुपये के साथ पकड़ लिया और ओम अल्ट्रासाउंड सेंटर ले गई।

डॉक्टर और सेंटर पर भी गिरी गाज

नूंह पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. आशीष और लोकल पुलिस ने सेंटर के मालिक डॉ. सचिन कटारिया व स्टाफ से पूछताछ की। रिकॉर्ड में अनियमितताएं मिलने पर अल्ट्रासाउंड मशीन सील कर दी गई और डॉ. कटारिया के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के लिए जिला समुचित प्राधिकरण नूंह को सूचना दी गई।

एफआईआर दर्ज, आगे की जांच जारी

गिरफ्तार एजेंट साहिब को पुलिस के हवाले कर दिया गया और पीसी-पीएनडीटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करवाई गई। साथ ही पुलिस को निर्देश दिया गया कि अगर जांच में डॉ. सचिन कटारिया और अरावली हॉस्पिटल की मिलीभगत पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए।