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Haryana News नारनौल के गुरुनानकपुरा मोहल्ले में सूदखोरों की प्रताड़ना से त्रस्त परिवार के चौथे सदस्य गगनदीप ने भी मंगलवार दोपहर रोहतक पीजीआई में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले उनकी मां रूपेंद्र कौर, छोटे भाई शानदीप, और पिता आशीष की भी मौत हो चुकी थी। अब इस परिवार का कोई भी सदस्य जीवित नहीं है, और इस घटना के पीछे के रहस्य गगनदीप के साथ ही दफन हो गए।

जहरीला पदार्थ निगलकर सामूहिक आत्महत्या

रविवार शाम, आशीष ग्रोवर अपने परिवार के साथ थार गाड़ी में नीरपुर फ्लाईओवर के पास तुर्कियावास मोड़ पहुंचे। वहां परिवार के चारों सदस्यों ने जहरीला पदार्थ खा लिया। राहगीरों ने उनकी हालत देखकर पुलिस को सूचना दी। पहले अटेली अस्पताल ले जाया गया, जहां रूपेंद्र कौर और शानदीप को मृत घोषित कर दिया गया। आशीष और गगनदीप को नागरिक अस्पताल के बाद रोहतक पीजीआई रेफर किया गया, जहां आशीष ने रास्ते में और गगनदीप ने मंगलवार को दम तोड़ दिया।

सुसाइड नोट ने खोली सूदखोरी की पोल

परिवार ने आत्महत्या से पहले एक सुसाइड नोट लिखा, जिसमें उन्होंने अपने कदम का कारण बताया। नोट में लिखा था कि सूदखोर सोमवीर और अक्षय उनके जानलेवा उत्पीड़न के जिम्मेदार हैं। परिवार ने 60,000 रुपये उधार लिए थे, लेकिन सूदखोर 15 लाख रुपये की मांग कर रहे थे और जान से मारने की धमकी दे रहे थे।

पुलिस ने शुरू की जांच

सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने सोमवीर और अक्षय के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इनमें से एक आरोपी रेवाड़ी के निजी अस्पताल में कार्यरत है और दूसरे का पिता पुलिस विभाग में तैनात है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

समाज के लिए चेतावनी

यह दुखद घटना समाज में सूदखोरी और कर्ज के नाम पर हो रही अमानवीय प्रताड़ना की ओर ध्यान दिलाती है। परिवार का पूरी तरह खत्म हो जाना इस समस्या की गंभीरता को रेखांकित करता है।