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Haryana News नया वित्त वर्ष शुरू होने में केवल चार दिन बचे हैं, लेकिन चरखी दादरी नगर परिषद का वार्षिक बजट 2025-26 अब तक पारित नहीं हो सका। गुरुवार को हुई चौथी बैठक में भी बजट पर चर्चा पूरी होने से पहले ही हंगामे के कारण बैठक खत्म करनी पड़ी।

पार्षदों और लाइट इंस्पेक्टर के बीच तीखी नोकझोंक

बैठक के दौरान वार्ड-3 की पार्षद बबीता देवी और उनके पति जितेंद्र ने लाइट इंस्पेक्टर बिजेंद्र पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। सदन में इंस्पेक्टर को बुलाने के बाद बहस और बढ़ गई। लाइट इंस्पेक्टर ने कहा कि वह अपने काम के प्रति जवाबदेह हैं और किसी की गलत भाषा नहीं सुन सकते। स्थिति बिगड़ती देख ईओ और चेयरमैन ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।

बजट चर्चा से पहले उठे अन्य मुद्दे

बैठक की शुरुआत में लेखाकार रविंद्र हुड्डा ने बजट का विवरण प्रस्तुत किया, जिसमें 39.20 करोड़ रुपये की अनुमानित आय और 39.08 करोड़ रुपये के व्यय का प्रस्ताव रखा गया। लेकिन पार्षदों ने बजट पर चर्चा आगे बढ़ाने के बजाय रोहिंग्या समुदाय के वेस्ट पिकर आईडी कार्ड, नगर परिषद के वाहनों के निजीकरण और सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति जैसे मुद्दों को उठा दिया, जिससे बैठक बाधित हो गई।

चेयरमैन का पार्षदों पर आरोप

नगर परिषद चेयरमैन बक्शीराम सैनी ने कहा कि बजट का पूरा विवरण तैयार है, लेकिन कुछ पार्षद जानबूझकर अन्य मुद्दे उठाकर शहरी विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैठक में केवल बजट पर चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन लगातार हो रहे विवादों के चलते अब तक बजट पास नहीं हो सका।