HARYANA VRITANT

Haryana News हरियाणा में विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस आलाकमान ने संगठन में बड़ा बदलाव शुरू कर दिया है। प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया को हटाकर बीके हरि प्रसाद को नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। अब प्रदेशाध्यक्ष चौधरी उदयभान को भी बदलने की तैयारी चल रही है। नए प्रदेशाध्यक्ष के लिए रणदीप सिंह सुरजेवाला, वरुण चौधरी, राव दान सिंह, गीता भुक्कल और अशोक अरोड़ा जैसे दिग्गजों के नामों पर विचार किया जा रहा है।

चुनावी हार के बाद कार्रवाई की शुरुआत

दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस आलाकमान ने हरियाणा में अप्रत्याशित हार के लिए जिम्मेदार नेताओं पर कार्रवाई शुरू कर दी है। पार्टी ने विवादों में रहे प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया को हटाकर संगठन में नई ऊर्जा लाने की कोशिश की है। अब प्रदेशाध्यक्ष चौधरी उदयभान को भी हटाने की तैयारी है। उदयभान पर आरोप है कि वह विधानसभा चुनाव में सभी दिग्गज नेताओं को साथ लेकर नहीं चल पाए, जिससे पार्टी को हार का सामना करना पड़ा।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष बनने की दौड़ में कई दिग्गज

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक नए प्रदेशाध्यक्ष के लिए कई नामों पर चर्चा चल रही है। संभावित उम्मीदवारों में राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला, लोकसभा सांसद वरुण चौधरी, पूर्व विधायक राव दान सिंह, विधायक गीता भुक्कल और अशोक अरोड़ा के नाम प्रमुख हैं। इन सभी नेताओं का पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है और पार्टी अब संगठन में एकजुटता लाने के लिए नए चेहरे को आगे बढ़ाना चाहती है।

विधानसभा बजट सत्र से पहले विपक्ष के नेता की नियुक्ति संभव

सात मार्च से शुरू हो रहे हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल के नेता की नियुक्ति की जा सकती है। विपक्ष के नेता पद के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। हालांकि, उनके समर्थन से किसी अन्य विधायक को भी यह जिम्मेदारी दी जा सकती है।

संगठन में ऊपर से नीचे तक बदलाव की तैयारी

हरियाणा कांग्रेस के सहप्रभारी जितेंद्र बघेल के अनुसार, संगठन में शीर्ष से लेकर基层 (ग्रासरूट) स्तर तक बदलाव की योजना है। दीपक बाबरिया की विदाई इसी प्रक्रिया की शुरुआत है। आरोप है कि बाबरिया गुटबाजी को नियंत्रित करने में विफल रहे। लोकसभा और विधानसभा चुनावों में गुटबाजी का असर साफ दिखाई दिया। टिकट वितरण में भी बाबरिया पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के प्रभाव में आकर गलत फैसले लेने के आरोप लगे।

टिकट वितरण से नाराज होकर वरिष्ठ नेता किरण चौधरी भाजपा में शामिल हो गईं। वहीं, कुमारी सैलजा और रणदीप सुरजेवाला जैसे वरिष्ठ नेता भी विधानसभा चुनाव प्रचार में सीमित क्षेत्रों तक ही सक्रिय रहे।

पांच साल में बदले तीन प्रभारी, गुटबाजी बड़ी चुनौती

हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी के कारण संगठन मजबूत नहीं हो पाया। बीते पांच वर्षों में कांग्रेस ने तीन बार प्रदेश प्रभारी बदले। सितंबर 2020 में विवेक बंसल को प्रभारी नियुक्त किया गया था, जिन्हें जनवरी 2023 में शक्ति सिंह गोहिल से बदल दिया गया। जून 2023 में दीपक बाबरिया को यह जिम्मेदारी सौंपी गई, लेकिन वह भी गुटबाजी को रोकने में असफल रहे। अब बीके हरि प्रसाद के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी में एकता कायम रखना होगी।

सुरजेवाला के समर्थन में सैलजा और बीरेंद्र सिंह

नए प्रदेशाध्यक्ष की दौड़ में राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला का नाम सबसे आगे है। उनके समर्थन में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा और पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह जैसे वरिष्ठ नेता खड़े हैं। यदि सुरजेवाला प्रदेशाध्यक्ष बने तो भूपेंद्र सिंह हुड्डा खेमे की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

हालांकि, अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय से आने वाले उदयभान की जगह पार्टी वंचित वर्ग की नाराजगी रोकने के लिए सांसद वरुण चौधरी या विधायक गीता भुक्कल को प्रदेशाध्यक्ष बना सकती है। दक्षिण हरियाणा में प्रभावी ओबीसी नेता राव दान सिंह और वरिष्ठ नेता अशोक अरोड़ा भी इस दौड़ में शामिल हैं।

कांग्रेस के लिए आगे की राह चुनौतीपूर्ण

हरियाणा कांग्रेस के नए प्रभारी बीके हरि प्रसाद के सामने सबसे बड़ी चुनौती गुटबाजी खत्म कर संगठन को एकजुट करना है। लोकसभा चुनाव नजदीक हैं और कांग्रेस के लिए यह बदलाव पार्टी की मजबूती और आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।