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Haryana News शाहाबाद क्षेत्र में एक महिला सरपंच की शिकायत के बाद सरकार ने ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) को निलंबित कर दिया। इस निलंबन की पुष्टि जिला उपायुक्त नेहा सिंह ने की है।

रिश्वत और अभद्रता के गंभीर आरोप

महिला सरपंच ने हाल ही में जिला प्रशासन को एक शिकायत सौंपी थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि बीडीपीओ ने गांव में पेड़ कटाई के मामले में ₹1,00,000 की रिश्वत मांगी। आरोप था कि अधिकारी ने आश्वासन दिया था कि यह मामला रद्द कर दिया जाएगा।

इसके अलावा, महिला सरपंच के पति ने भी बीडीपीओ पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि अधिकारी ने उनकी पत्नी को रात में मिलने के लिए बुलाया और जब वे दोनों उनसे मिलने पहुंचे, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।

सरपंच संगठन ने उठाई कड़ी कार्रवाई की मांग

यह मामला सामने आने के बाद सरपंच संगठन भी सक्रिय हो गया और आरोपी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। संगठन ने इस मुद्दे को सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाया और बीडीपीओ के निलंबन की मांग की।

बीडीपीओ ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

हालांकि, निलंबन के बाद आरोपी बीडीपीओ ने सभी आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि उन्हें झूठे आरोपों के तहत फंसाया जा रहा है और वे पूरी तरह निर्दोष हैं।

प्रशासनिक हलचल तेज, आगे क्या?

सरकार द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। कुरुक्षेत्र जिला प्रशासन ने मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दी है। अब यह देखना होगा कि इस प्रकरण में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और क्या कोई अतिरिक्त जांच समिति गठित की जाती है।