Haryana News जेईई मेन के हालिया नतीजों ने साबित कर दिया कि आर्थिक कठिनाइयाँ सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं। प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों के 327 छात्रों ने 85 से 99 पर्सेंटाइल तक स्कोर किया। इनमें से कई छात्रों के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है, लेकिन उनकी मेहनत और समर्पण ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया।

सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा घोषित जेईई मेन परीक्षा के परिणामों में सरकारी स्कूलों के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया। पूरे प्रदेश में विभिन्न जिलों के सरकारी स्कूलों के 327 छात्रों ने 85 से 99 पर्सेंटाइल के बीच स्कोर किया। सबसे खास बात यह रही कि टॉप-10 में सबसे अधिक चार छात्र फरीदाबाद जिले से हैं।
सफलता के आँकड़े
- 99 पर्सेंटाइल से ऊपर: 10 छात्र
- 97 पर्सेंटाइल से ऊपर: 26 छात्र
- 95 पर्सेंटाइल से ऊपर: 52 छात्र
- 90 पर्सेंटाइल से ऊपर: 98 छात्र
- 85 पर्सेंटाइल से ऊपर: 144 छात्र
आर्थिक तंगी बनी चुनौती, लेकिन नहीं रोकी सफलता
इन मेधावी छात्रों के माता-पिता मजदूरी, खेती, प्राइवेट नौकरियों और छोटे-मोटे व्यवसायों से जुड़े हुए हैं। बावजूद इसके, इन छात्रों ने अपनी मेहनत और लगन से यह शानदार परिणाम हासिल किए हैं।
टॉप-10 में जगह बनाने वाले छात्रों की पारिवारिक पृष्ठभूमि
- आदित्य (भिवानी) – 99.91 पर्सेंटाइल (पिता: टेक्नीशियन)
- रविंद्र (जींद) – 99.87 पर्सेंटाइल (पिता: मजदूर)
- मुस्कान (भिवानी) – 99.84 पर्सेंटाइल (पिता: किसान)
- तनीष (फरीदाबाद) – 99.81 पर्सेंटाइल (पिता: प्राइवेट नौकरी)
- विशेष यादव (महेंद्रगढ़) – 99.56 पर्सेंटाइल (पिता: शिक्षक)
- रोहित (गुरुग्राम) – 99.44 पर्सेंटाइल (पिता: प्राइवेट नौकरी)
- सुफ्ता प्रवीन (फरीदाबाद) – 99.35 पर्सेंटाइल (पिता: किसान)
- योगेश (फतेहाबाद) – 99.31 पर्सेंटाइल (पिता: खेतीबाड़ी)
- विवेक (फरीदाबाद) – 99.19 पर्सेंटाइल (पिता: फल विक्रेता)
- दीपेंद्र (जींद) – 99.17 पर्सेंटाइल (पिता: मजदूर)
संघर्ष से मिली सफलता, बनी प्रेरणा
इन विद्यार्थियों की सफलता यह संदेश देती है कि मेहनत और संकल्प के बल पर कोई भी छात्र अपनी परिस्थितियों को पीछे छोड़ सकता है। सरकारी स्कूलों के इन होनहार छात्रों ने साबित कर दिया कि सफलता केवल सुविधाओं पर निर्भर नहीं होती, बल्कि कड़ी मेहनत, इच्छाशक्ति और समर्पण से भी हासिल की जा सकती है।
निष्कर्ष
जेईई मेन 2024 के परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया कि आर्थिक चुनौतियाँ प्रतिभाशाली छात्रों को रोक नहीं सकतीं। सरकारी स्कूलों के इन विद्यार्थियों ने पूरे प्रदेश के छात्रों को प्रेरित किया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत पूरी हो, तो किसी भी मुश्किल को पार किया जा सकता है।