Haryana News हरियाणा सरकार ने अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे सट्टेबाजी कानून को खत्म कर नया विधेयक पेश किया है। हरियाणा सार्वजनिक जुआ रोकथाम विधेयक 2025 के तहत मैच फिक्सिंग, चुनाव और खेलों में सट्टेबाजी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। इसमें दोषियों के लिए एक से सात साल की सजा और भारी जुर्माने की व्यवस्था होगी।

158 साल पुराना कानून खत्म, नया विधेयक पेश
हरियाणा सरकार ने 1867 में बने पुराने सट्टेबाजी कानून को समाप्त कर दिया है। इसकी जगह अब हरियाणा सार्वजनिक जुआ रोकथाम विधेयक 2025 लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे मंगलवार को विधानसभा में पेश किया। बजट सत्र के दौरान चर्चा के बाद इसे पारित किया जाएगा, जिसके बाद यह सख्त कानून राज्य में प्रभावी हो जाएगा।
मैच फिक्सिंग, चुनावी सट्टेबाजी पर कड़ा प्रहार
नए विधेयक में मैच फिक्सिंग, स्पॉट फिक्सिंग और चुनावी सट्टेबाजी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त प्रावधान किए गए हैं। यदि कोई पहली बार पकड़ा जाता है, तो हल्की सजा और जुर्माना होगा, लेकिन बार-बार अपराध करने पर सजा बढ़ाई जाएगी। दोषियों को एक से सात साल तक की जेल और पांच लाख रुपये तक का जुर्माना भरना होगा।
विधि आयोग पहले ही कर चुका था सिफारिश
भारत के विधि आयोग ने 1867 के पुराने सट्टेबाजी कानून को समाप्त करने की सिफारिश पहले ही कर दी थी। आधुनिक तकनीक, इंटरनेट और मोबाइल एप्स के माध्यम से अब ऑनलाइन सट्टेबाजी और मैच फिक्सिंग तेजी से बढ़ रही है, जिसे रोकने के लिए नई सख्त कानूनी व्यवस्था की जरूरत थी।
सट्टेबाजी के मामलों को किया गया श्रेणियों में विभाजित
नए कानून में सट्टेबाजी के अपराधों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है:
- पहली बार अपराध करने पर सामान्य सजा और जुर्माना।
- दोबारा या बार-बार अपराध करने पर सजा बढ़ाई जाएगी, जो सात साल तक हो सकती है।
- अधिकतम पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
पुलिस को मिले व्यापक अधिकार
नए विधेयक में पुलिस को भी सट्टेबाजों पर कार्रवाई के लिए विशेष अधिकार दिए गए हैं।
- सब-इंस्पेक्टर रैंक से ऊपर के अधिकारी ही जांच कर सकेंगे।
- राजपत्रित अधिकारी की अनुमति से पुलिस बिना वारंट किसी भी स्थान पर छापा मार सकती है।
- सट्टेबाजी में शामिल लोगों को मौके पर ही गिरफ्तार किया जा सकेगा।
- जब्त की गई नकदी और अन्य सामग्री को कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त किया जाएगा।
कड़ा कानून, सट्टेबाजी पर लगेगा अंकुश
हरियाणा सरकार का मानना है कि सट्टेबाजी सिंडिकेट आम जनता के पैसे से खिलवाड़ कर रहे हैं, जिन्हें रोकने के लिए कड़ा कानून बनाना जरूरी था। राज्यों को अपने कानून बनाने का अधिकार होने के चलते, हरियाणा सरकार ने यह कदम उठाया है। नए कानून से मैच फिक्सिंग, स्पॉट फिक्सिंग और चुनावी सट्टेबाजी पर कड़ी कार्रवाई संभव हो सकेगी।