खबर का सार: Haryana Information Commission आयोग में दो आयुक्तों—डॉ. कुलबीर छिकारा और डॉ. जगबीर सिंह—का कार्यकाल पूरा होने के बाद रिक्त पदों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। इससे सूचना के अधिकार (RTI) से जुड़े मामलों के निस्तारण पर असर पड़ने की आशंका है। आयोग में लंबे समय से पद खाली रहने का मुद्दा बना हुआ है, जबकि नए आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर अब गतिविधि तेज होने की संभावना है।

हरियाणा के राज्य सूचना आयोग में रविवार को दो राज्य सूचना आयुक्तों डॉ. कुलबीर छिकारा और डॉ. जगबीर सिंह का तीन साल का कार्यकाल पूरा हो गया।
इनके कार्यकाल समाप्त होने के साथ ही आयोग में रिक्त पदों की संख्या बढ़कर छह हो गई है, जिससे सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों के निस्तारण पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
राज्य में अब तक पांच पत्रकार राज्य सूचना आयुक्त बन चुके हैं। नये सूचना आयुक्त बनने के लिए पत्रकारों, वकीलों, अधिकारियों और राजनेताओं में सक्रियता बढ़ने वाली है।
नियमों के बावजूद Haryana Information Commission में पद खाली रहने का मुद्दा कायम
सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत राज्य स्तर पर एक मुख्य सूचना आयुक्त और अधिकतम 10 सूचना आयुक्तों की नियुक्ति का प्रविधान है। इसके बावजूद, हरियाणा में लंबे समय से सूचना आयोग में पद रिक्त रहने का मुद्दा समय-समय पर उठता रहा है। Haryana Information Commission
मार्च 2025 में हरियाणा सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने मुख्य सूचना आयुक्त के एक और सात सूचना आयुक्तों के पदों के लिए आवेदन मांगे थे। इसके बाद मई 2025 में पूर्व मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद को राज्य का मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया। उनके साथ अमरजीत सिंह, कर्मवीर सैनी, नीता खेड़ा और संजय मदान को राज्य सूचना आयुक्त बनाया गया था। इन सभी का कार्यकाल मई 2028 तक निर्धारित है।