स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा के कार्यकारी उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र ने कहा कि  सफाई अभियान सिर्फ सफाई कर्मचारियों का काम नहीं है, इसमें जन भागीदारी का होना आवश्यक है।

स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा के उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र ने वीरवार को नगर परिषद कैथल में जिला स्तरीय स्वच्छता अभियान को लेकर अधिकारियों, कर्मचारियों व जिला टास्क फार्स कमेटी की बैठक ली। उन्होंने जिले भर में स्वच्छता को लेकर चलाई जा रही योजनाओं की फीडबैक ली। उन्होंने बिंदुवार ग्रामीण व शहरी क्षेत्र की सफाई को लेकर ना केवल अधिकारियों से जानकारी ली बल्कि कैथल जिले को स्वच्छ बनाने के लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश भी दिए।

जिले में ठप पड़े सार्वजनिक शौचालयों को लेकर वाइस चेयरमैन सुभाष चंद ने नाराजगी जताई। इसके बाद कहा कि जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी के सदस्यों का बैठक ना पहुंचने पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अधिकारियों से इस बारे में सवाल जबाव किया। कहा कि बैठक में विधायक व जिलाध्यक्ष का पहुंचना भी जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पहले उन्हें टास्क फोर्स कमेटी की लिस्ट उपलब्ध करवाई जाए।

इस पर उन्होंने बारी-बारी से अधिकारियों से पूछा कि कमेटी के सदस्य बैठक में क्यों नहीं है। जब तक इस बैठक में कर्मचारी व अधिकारियों के साथ साथ सामाजिक संगठन, व्यापारी संगठन, शैक्षणिक संगठनों के सदस्य नहीं होंगे तब तक जिला स्वच्छ नहीं हो सकता है। क्योंकि स्वच्छता में सभी की सहभागिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमें जिले को स्वच्छ बनाना है फॉर्मेलिटी नहीं करनी है। उन्होंने डीएमसी से कहा कि क्या आपने पत्र को फॉलो किया है।

फोन तो सभी को किए थे जी
उन्होंने जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी के सदस्यों के बारे में पूछा तो क्या बोले कर्मचारी अधिकारी। उन्होंने पूछा ओपी मुटरेजा क्यों नहीं आए हैं तो कर्मचारी बोले, वो संस्कार पर गए हैं। वीके सिंह आउट ऑफ स्टेशन हैं। अजय बाहर हैं। राजेश ने आने से मना कर दिया। पंकज ने फोन नहीं उठाया। टास्क फोर्स कमेटी के सिर्फ एक सदस्य शक्ति सौदा जिला स्तरीय स्वच्छता अभियान की बैठक में पहुुंचे।

उपाध्यक्ष सुभाष चंद ने अधिकारियों ने पूछा कि आपके यहां स्वच्छता अभियान के ब्रांड अंबेसडर कौन हैं। स्वच्छता अभियान के आईसीई एक्सपर्ट कौन हैं तो अधिकारी बगले झांकने लगे। कुछ को कुछ मालूम नहीं था। नगर परिषद के ईओ ने हौंसला किया और बोले हमारे यहां अभी तक कोई ब्रांड अंबेसडर और ना ही स्वच्छता अभियान के आईसीई एक्सपर्ट हैं। थोड़ी देर बाद बैठक में आईसीई एक्सपर्ट खड़ी हो गई और बोली मैं हूं। इस पर सभी ने ठहाके लगाए और बैठक ले रहे उपाध्यक्ष ने कहा कि कम से कम इतनी जानकारी तो रखा करो।

कर्मचारियों ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए जांबा, नैना गांवों के उदाहरण दिए। उन्होंने कहा कि कैथल ब्लाक के 10 से 15 गांव ऐसे हैं जो बिल्कुल चकाचक हैं। अधिकारियों ने उपाध्यक्ष से एक महीने का समय मांगा और कहा कि एक महीने में हम सभी सार्वजनिक शौचालय चकाचक कर देंगे और शहर को भी स्वच्छ बनाएंगे। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर महीने जिला टास्क फोर्स कमेटी की बैठक होनी चाहिए। इसमें सरकारी व गैर सरकारी सदस्यों का होना जरूरी है। अर्बन व ग्रामीण दोनों की अलग अलग बैठकें होनी चाहिए। सदस्यों को नगर परिषद के ईओ और अधिकारियों को डीएमसी स्वयं फोन करेंगे। उन्होंने गायक फौजी कर्मवीर को स्वच्छता अभियान के ब्रांड अंबेसडर नियुक्त किया।

स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा के कार्यकारी उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र ने कहा कि  सफाई अभियान सिर्फ सफाई कर्मचारियों का काम नहीं है, इसमें जन भागीदारी का होना आवश्यक है। सफाई अभियान को असरदार बनाना है तो समाज के लोगों को साथ जोड़ना होगा। लोगों की मानसिकता में बदलाव लाना भी हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। सभी अधिकारी व कर्मचारी पूरी ईमानदारी व निष्ठा से कार्य करें, ताकि इस सफाई अभियान को सफल बनाया जा सके। आने वाली पीढ़ी को हमें सुखद जीवन प्रदान करना है तो इसी लक्ष्य को निर्धारित करके सफाई अभियान को आंदोलन का रूप देना है।