HARYANA VRITANT

Haryana Budget हरियाणा सरकार ने किसानों के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। धान की खेती छोड़ने वाले किसानों के लिए अनुदान राशि में वृद्धि की गई है, नकली बीज और कीटनाशकों पर सख्त कार्रवाई के लिए विधेयक लाया जाएगा, और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं बनाई गई हैं।

धान छोड़ने पर अनुदान में वृद्धि

हरियाणा सरकार ने धान की खेती छोड़ने वाले किसानों को दी जाने वाली अनुदान राशि को ₹7000 से बढ़ाकर ₹8000 प्रति एकड़ कर दिया है। इसके अलावा, जो पंचायतें अपनी कृषि योग्य भूमि को धान की खेती के लिए पट्टे पर देने की बजाय खाली छोड़ेंगी, उन्हें भी यह प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

नकली बीज और कीटनाशकों पर सख्ती

राज्य सरकार किसानों को नकली बीज और कीटनाशकों के खतरे से बचाने के लिए विधानसभा में एक नया विधेयक पेश करेगी। यह विधेयक कृषि भूमि बिल की तर्ज पर तैयार किया जाएगा, जिससे किसानों को नकली उत्पादों के जाल से बचाया जा सकेगा।

प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा

सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 2025-26 में लक्ष्य को 2500 एकड़ से बढ़ाकर 1 लाख एकड़ करने जा रही है। अब एक एकड़ पर खेती करने वाले किसानों को भी लाभ मिलेगा, जबकि पहले यह सुविधा केवल दो एकड़ या अधिक वाले किसानों को मिलती थी।

इसके अलावा, देसी गाय खरीदने पर मिलने वाला अनुदान ₹2500 से बढ़ाकर ₹30,000 कर दिया गया है। इससे किसान प्राकृतिक खेती को ज्यादा अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।

कृषि, बागवानी और पशुपालन बजट में बढ़ोतरी

सरकार ने किसानों की बेहतरी के लिए विभिन्न विभागों के बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की है:

  • कृषि विभाग: 19.2% वृद्धि के साथ ₹4229.29 करोड़
  • बागवानी विभाग: 95.5% वृद्धि के साथ ₹1068.89 करोड़
  • पशुपालन विभाग: 50.9% वृद्धि के साथ ₹2083.43 करोड़
  • मत्स्य पालन विभाग: 144.4% वृद्धि के साथ ₹2018.76 करोड़
  • सहकारिता क्षेत्र: 58.8% वृद्धि के साथ ₹1254.97 करोड़

नए अनुदान और योजनाएं

सरकार ने किसानों के लिए नई योजनाओं और अनुदानों की घोषणा की है:

  • धान की सीधी बुआई करने पर अनुदान ₹4000 से बढ़ाकर ₹4500 प्रति एकड़ किया गया।
  • पराली प्रबंधन करने वाले किसानों को ₹1000 की जगह ₹1200 प्रति एकड़ अनुदान दिया जाएगा।
  • “मेरी फसल, मेरा ब्यौरा” पोर्टल से नैनो यूरिया और नैनो डीएपी को जोड़ा जाएगा, जिससे किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले खाद तक सीधा लाभ मिलेगा।

भंडारण और कृषि संरचना का विस्तार

  • गुरुग्राम में अत्याधुनिक फ्लावर मार्केट स्थापित की जाएगी।
  • हिसार एयरपोर्ट पर एग्री-कार्गो गोदाम बनाया जाएगा।
  • यमुनानगर में 1 लाख टन क्षमता का सायलो और 3 लाख मीट्रिक टन के नए गोदाम बनाए जाएंगे।
  • दक्षिण हरियाणा में सरसों तेल मिल और कुरुक्षेत्र में सूरजमुखी तेल मिल पीपीपी मोड में स्थापित होगी।
  • सभी मंडियों को ई-नाम प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, जिससे व्यापार में पारदर्शिता बढ़ेगी।

बीज अनुसंधान और बागवानी केंद्रों की स्थापना

  • 18 जिलों में नए बीज परीक्षण लैब स्थापित की जाएंगी।
  • अंबाला (लीची), यमुनानगर (स्ट्रॉबेरी) और हिसार (खजूर) में उत्कृष्टता केंद्र बनाए जाएंगे।
  • फरीदाबाद, रेवाड़ी और कैथल में बागवानी मिशन लागू किया जाएगा।
  • जापान सरकार की सहायता से ₹2738 करोड़ की लागत से सतत बागवानी प्रोजेक्ट शुरू होगा।

डेयरी और पशुपालन को नया प्रोत्साहन

  • राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की मदद से हिसार में शुक्राणु छंटाई प्रयोगशाला स्थापित होगी।
  • 1000 पशुओं वाली गौशालाओं को एक ई-रिक्शा, और 1000 से अधिक पशु रखने वाली गौशालाओं को दो ई-रिक्शा दिए जाएंगे।

हरियाणा सरकार का यह बजट किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए बड़े बदलाव और राहत लेकर आया है। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और कृषि को अधिक टिकाऊ और आधुनिक बनाया जाएगा।