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Harayana News हरियाणा सरकार ने राज्य की सहकारी समितियों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए हर गांव में सीएम-पैक्स (कम्प्रीहेंसिव मल्टी पर्पज एक्टिविटी को-ऑपरेटिव सोसायटी) खोलने का फैसला किया है। सीएम-पैक्स का मुख्य उद्देश्य व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन करना है, जिससे सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिलेगी।

मौजूदा पैक्स से अलग होगा सीएम-पैक्स का काम

सीएम-पैक्स को प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) से अलग बनाया गया है। पैक्स जहां किसानों को ऋण, बीज और खाद जैसी सुविधाएं प्रदान करती हैं, वहीं सीएम-पैक्स पेट्रोल पंप संचालन, अनाज भंडारण, फसल खरीद-बिक्री और कुटीर उद्योगों के विकास जैसी व्यावसायिक गतिविधियों पर केंद्रित होंगी।

हिस्सा पूंजी में बड़ी राहत

सरकार ने सीएम-पैक्स की हिस्सा पूंजी को कम करके 20,000 रुपये से घटाकर मात्र 1,000 रुपये प्रति सदस्य कर दिया है। यह राशि रिफंडेबल होगी। इससे छोटे और सीमांत किसानों को इन समितियों से जुड़ने में आसानी होगी।

पहले चरण में 500 गांवों में शुरुआत

योजना के तहत पहले चरण में 500 गांवों में सीएम-पैक्स खोली जाएंगी। इन समितियों को इसी वित्तीय वर्ष के अंत तक, यानी 31 मार्च तक पूरी तरह संचालित करने की योजना है।

कंपनियों की तरह काम करेंगे सीएम-पैक्स

सीएम-पैक्स का संचालन कंपनियों की तर्ज पर किया जाएगा। समितियों के सदस्यों को लाभांश में हिस्सेदारी दी जाएगी। ये समितियां ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का काम करेंगी।

हरको बैंक की भूमिका

हरियाणा स्टेट को-ऑपरेटिव अपैक्स बैंक (हरको) ने इस योजना के लिए एक कार्ययोजना तैयार की है। बैंक राज्य में 10 फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (एफपीओ) भी स्थापित कर रहा है। प्रत्येक एफपीओ में शुरुआत में 20 सदस्यों को शामिल किया गया है, जो पांच एकड़ या उससे अधिक भूमि वाले किसानों को भी जोड़ेंगे।

जहां पैक्स काम कर रही हैं, वहां सीएम-पैक्स नहीं

सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि जिन गांवों में पहले से पैक्स कार्यरत हैं, वहां सीएम-पैक्स नहीं खोले जाएंगे। इसका उद्देश्य संसाधनों का दोहराव रोकना और पहले से चल रही समितियों को मजबूत करना है।

केंद्र की महत्वाकांक्षी योजना का प्रभाव

यह योजना केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह की सोच और योजना का हिस्सा है। मुख्यमंत्री नायब सैनी और सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने इसे हरियाणा में लागू करने की विशेष रुचि दिखाई है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

सीएम-पैक्स ग्रामीण क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने का काम करेंगे। यह योजना न केवल सहकारी समितियों को सशक्त बनाएगी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगी।

सहकारिता आंदोलन का भविष्य

हर गांव में सीएम-पैक्स खोलने की इस योजना से हरियाणा में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों और अन्य ग्रामीण निवासियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाएगी।