HARYANA VRITANT

Gurugram News गुड़गांव के मेयर चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना है। भाजपा से ऊषा प्रियदर्शी और कांग्रेस से जूही बब्बर के चुनावी मैदान में उतरने की चर्चा है। दोनों नेता संवाद कला में माहिर हैं और तेजतर्रार छवि रखती हैं।

साइबर सिटी के मेयर पद पर है खास फोकस

गुड़गांव, जिसे साइबर सिटी के नाम से भी जाना जाता है, आईटी, टेलीकॉम, ऑटोमोबाइल, और मेडिकल टूरिज्म के लिए अंतरराष्ट्रीय पहचान रखता है। ऐसे में नगर निगम गुरुग्राम के मेयर पद को बेहद अहम माना जा रहा है।

भाजपा से ऊषा प्रियदर्शी और कांग्रेस से जूही बब्बर संभावित उम्मीदवार

भाजपा की महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष ऊषा प्रियदर्शी और कांग्रेस से फिल्म अभिनेता राज बब्बर की बेटी जूही बब्बर के मैदान में आने की संभावना है। यदि दोनों आमने-सामने आती हैं, तो मुकाबला बेहद दिलचस्प होगा।

जूही बब्बर का चुनाव प्रचार में अनुभव

जूही बब्बर ने अपने पिता राज बब्बर के चुनाव प्रचार के दौरान अपनी संवाद क्षमता से मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी। उनके प्रचार अभियान ने लोकसभा चुनाव में राज बब्बर को सात लाख से अधिक मत दिलाने में मदद की थी।

भाजपा के पास सीमित विकल्प

नगर निगम गुरुग्राम की सीट आरक्षित होने के बाद भाजपा के कई बड़े दावेदार दौड़ से बाहर हो गए। हालांकि, भाजपा के पास ऊषा प्रियदर्शी के रूप में एक मजबूत चेहरा है, जिन्होंने आरक्षित सीट पर अपनी दावेदारी पक्की की है।

कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति

कांग्रेस के पास इस वर्ग से कोई बड़ा चेहरा नहीं है। ऐसे में पार्टी जूही बब्बर को मैदान में उतारने पर विचार कर रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जूही बब्बर के मैदान में आने से मुकाबला रोचक हो जाएगा।

आरक्षित सीट से दावेदारों में निराशा

नगर निगम गुरुग्राम की सीट आरक्षित होने से भाजपा और कांग्रेस दोनों के कई दावेदारों में निराशा है। चुनाव प्रचार में महीनों से जुटे कई नेताओं को अचानक अपनी सक्रियता पर विराम लगाना पड़ा।

तेजतर्रार मेयर की जरूरत

गुड़गांव जैसी मेट्रोपॉलिटन सिटी को एक तेजतर्रार और दूरदर्शी मेयर की आवश्यकता है। ऊषा प्रियदर्शी और जूही बब्बर दोनों इस दायरे में फिट बैठती हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह मुकाबला साइबर सिटी के विकास के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।