Gurgaon News गुड़गांव रेलवे स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्य के कारण यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्लेटफॉर्म पर लोहे की दीवार और अस्थायी स्टॉल्स के कारण काफी जगह कम हो गई है, जिससे लंबी दूरी की ट्रेनों में चढ़ने वाले यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा है। हाल ही में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ ने इस स्थिति को और गंभीर बना दिया है, जिससे यहां भी ऐसी घटनाओं का डर बना हुआ है।

अमृत भारत स्टेशन योजना: 300 करोड़ रुपये का पुनर्विकास कार्य
गुड़गांव रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत किया जा रहा है, जिसमें करीब 300 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना का शिलान्यास 26 फरवरी 2024 को किया था। दिल्ली की विरेंद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा नई बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है, और पुरानी बिल्डिंग को तोड़ा जा चुका है। इस दौरान प्लेटफार्म पर अस्थायी दीवारें और स्टॉल्स बनाए गए हैं, जिससे यात्रियों के लिए खड़ा होना मुश्किल हो गया है।
लोहे की दीवारें और अस्थायी बदलाव यात्रियों के लिए परेशानी
प्लेटफार्म एक पर लोहे की दीवार और स्टॉल्स के कारण यात्री खड़े होने के लिए काफी सीमित स्थान में बंट गए हैं, जिससे भीड़ नियंत्रण में कठिनाई हो रही है। इस समस्या का असर खासकर लंबी दूरी की ट्रेनों पर देखने को मिल रहा है, जैसे चेतक एक्सप्रेस और भुज बरेली एक्सप्रेस, जिनमें रोजाना बड़ी संख्या में यात्रियों की भीड़ होती है। एकादशी के दिन भीड़ का स्तर और बढ़ जाता है, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता और गहरी हो जाती है।
आरपीएफ और जीआरपी की बढ़ी हुई निगरानी
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हाल ही में हुए हादसे के बाद, गुड़गांव स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। रविवार को आरपीएफ और जीआरपी के जवानों ने प्लेटफार्म पर मौजूद यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों ने प्लेटफार्म पर घूम रहे लोगों से जानकारी ली और उन्हें स्टेशन से बाहर किया। साथ ही, नई दिल्ली में हुए हादसे के बाद 27 फरवरी तक सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।