Ambala News अंबाला के घरेलू एयरपोर्ट का टर्मिनल एयरफोर्स स्टेशन के पास डेयरी फार्म की 20 एकड़ जमीन पर बनाया गया है। यह जमीन पहले रक्षा मंत्रालय के अधीन थी, जिसे अब नागरिक उड्डयन विभाग को स्थानांतरित कर दिया गया है। प्रदेश सरकार ने इस स्थानांतरण के लिए 133 करोड़ रुपये जारी किए, जबकि टर्मिनल के सिविल कार्यों पर 16 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई है।

चार प्रमुख रूटों को मिली स्वीकृति
अंबाला से अयोध्या, जम्मू, श्रीनगर और लखनऊ के लिए विमान सेवाओं को स्वीकृति मिल चुकी है। अब इन रूटों पर विमान सेवा शुरू करने के लिए एयरलाइन कंपनियों को शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है। नागरिक उड्डयन विभाग और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया इस काम को आगे बढ़ा रहे हैं।
सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं का विकास पूरा
एयरपोर्ट पर सिविल कार्यों को पूरा कर लिया गया है, और सुरक्षा के लिहाज से स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। उड़ान संचालन शुरू करने से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उड़ान योजना में पहले दो रूट थे शामिल
यह विमान सेवा भारत सरकार की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस) के तहत शुरू की जा रही है, जिसे ‘उड़ान योजना’ भी कहा जाता है। पहले इस योजना में अंबाला से अयोध्या और श्रीनगर के लिए उड़ानों को शामिल किया गया था। बाद में हरियाणा सरकार के मंत्री अनिल विज के प्रयासों से जम्मू और लखनऊ को भी इस सूची में जोड़ा गया।
बड़ी एयरलाइंस दिखा रही रुचि
नागरिक उड्डयन विभाग के अनुसार, कई प्रमुख एयरलाइन कंपनियां अंबाला से विमान सेवा शुरू करने में रुचि दिखा रही हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कौन-सी कंपनी इन चार रूटों पर उड़ान सेवाएं प्रदान करेगी। जल्द ही किसी एयरलाइन को अंतिम रूप से चयनित किया जाएगा।
जल्द होगी उड़ानों की शुरुआत
यदि सब कुछ योजना के अनुसार चलता रहा, तो आचार संहिता समाप्त होते ही अंबाला से इन चारों रूटों पर विमान सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। इससे अंबाला और आसपास के यात्रियों को सीधी हवाई यात्रा की सुविधा मिलेगी, जिससे उन्हें काफी लाभ होगा।