HARYANA VRITANT

Fatehabad News फतेहाबाद में 2017 के चर्चित मामले में कोर्ट ने डॉक्टर जिम्मी जिंदल को किडनैप कर उनका मुंह काला करने और बाजार में घुमाने के मामले में नौ लोगों को दोषी करार दिया है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राजीव की अदालत में इस केस की सुनवाई हुई, जिसमें दोषियों को 19 मार्च को सजा सुनाई जाएगी।

डॉक्टर पर स्टूडेंट से रेप का आरोप

डॉक्टर जिम्मी जिंदल पर एक स्टूडेंट के साथ छेड़खानी और रेप का आरोप लगा था। 28 अक्टूबर 2017 को कुछ लोग अस्पताल पहुंचे और वहां तोड़फोड़ करने के बाद डॉक्टर को पीटते हुए बाहर ले आए। उन्होंने डॉक्टर के कपड़े फाड़कर उसका मुंह काला कर दिया और उसे पैदल शहर थाने तक ले गए।

परिवार का आरोप: युवती को नशा देकर किया बंधक

पीड़िता की मां के अनुसार, युवती मानसिक रूप से अस्वस्थ थी और इलाज के लिए उसे डॉक्टर जिम्मी जिंदल के पास ले जाया गया था। आरोप है कि डॉक्टर ने युवती को नशा देकर अस्पताल में रोक लिया और उसकी मां को बहाने से घर भेज दिया। इसके बाद डॉक्टर उसे अपने घर ले गया और वहां अश्लील हरकतें कीं।

कोर्ट ने 9 आरोपियों को ठहराया दोषी

इस घटना के बाद शहर में भारी आक्रोश फैल गया था। लोगों ने डॉक्टर को पीटते हुए पुलिस थाने तक घसीटा। इस मामले में कोर्ट ने राजेंद्र चौधरी काका, बलजीत बिट्टा, कृष्ण कुमार, अनिल कुमार, पूर्व पार्षद सुभाष पपिया, प्रेम सागर, सुभाष रायल, वीरेंद्र और रमन कुमार को दोषी ठहराया है। इनमें से एक आरोपी काका चौधरी 2024 में निर्दलीय विधानसभा चुनाव भी लड़ चुका है।

अब 19 मार्च को कोर्ट इन दोषियों की सजा तय करेगी।