Faridabad News गुजरात और हरियाणा एसटीएफ के संयुक्त ऑपरेशन में पकड़े गए आतंकवादी अब्दुल रहमान को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसकी न्यायिक हिरासत को 9 अप्रैल तक बढ़ा दिया है। फिलहाल, वह नीमका जेल में बंद है। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि रहमान अलकायदा इन इंडियन सब-कांटिनेंट (AQIS) के कुख्यात आतंकी अबू सूफियान के संपर्क में था।

पाली गांव में छुपाया गया था विस्फोटक
अबू सूफियान ने अपना एक हैंडलर भेजकर हरियाणा के पाली गांव में खेत के पास एक गड्ढा खुदवाया था, जिसमें दो हैंड ग्रेनेड और एक डेटोनेटर छुपाया गया था। अब्दुल रहमान को इस स्थान की लोकेशन दी गई थी। वह यहां पहुंचकर गड्ढे की मिट्टी हटाकर विस्फोटक को निकालकर अपने बैग में रख चुका था।
अयोध्या में हमले की थी साजिश
रहमान को चार मार्च को ये विस्फोटक लेकर अयोध्या पहुंचाना था। संगठन ने उसे आदेश दिया था कि विस्फोटक हासिल करने के बाद वह सीधे अयोध्या रवाना हो जाए। उसका टारगेट राम मंदिर था। हालांकि, एसटीएफ को पहले ही उसकी लोकेशन और तस्वीरें मिल चुकी थीं। जिसके चलते चार मार्च से पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
10 महीने पहले आईएसआई संगठन से जुड़ा था
जांच में सामने आया कि अब्दुल रहमान 10 महीने पहले ही आईएसआई से जुड़े आतंकी संगठन में भर्ती हुआ था। उसे ऑनलाइन आतंकी ट्रेनिंग दी गई थी और ब्रेनवॉश करने के लिए उसे हमले से संबंधित वीडियो दिखाए गए थे। इस प्रशिक्षण के बाद ही उसे विस्फोटक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
एसटीएफ कर रही है नेटवर्क की तलाश
एसटीएफ अब्दुल रहमान से जुड़े पूरे आतंकी नेटवर्क की जांच में जुटी है। पुलिस अभी तक उसके दूसरे साथियों का पता नहीं लगा पाई है। जांच एजेंसियां लगातार उसकी संपर्क सूची और गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सके।