Haryana CrimeHaryana Crime

Haryana Crime हरियाणा में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा हुआ है। 370 भ्रष्ट पटवारियों के बाद अब तहसील कार्यालयों में सक्रिय 404 दलालों के नाम सामने आए हैं। इनमें से 17 अधिवक्ता और वसीका नवीस भी शामिल हैं। ये लोग रजिस्ट्री कराने आने वाले लोगों से दो से पांच प्रतिशत तक की कमीशन लेते हैं। कमीशन न देने पर लोगों को चक्कर लगवाए जाते हैं

पलवल। हरियाणा में 370 भ्रष्ट पटवारियों और अब तहसील कार्यालयों में सक्रिय 404 दलालों के नाम सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। जिले के भी 17 अधिवक्ताओं और वसीका नवीसों के नाम सामने आने के बाद अब जांच की आंच सरकारी विभागों में तैनात अधिकारियों तक भी पहुंच सकती है।

बता दें कि 20 जनवरी को राजस्व विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी का पत्र सामने आया था। पत्र में कहा गया था कि दलाल तहसील और पटवारी कार्यालयों में सक्रिय हैं। कुछ कार्यालयों में राजस्व विभाग के कर्मचारी ही दलाली का काम कर रहे हैं।

17 जनवरी को भ्रष्ट पटवारियों की सामने आई थी लिस्ट 

दलाल तहसीलदार और नायब तहसीलदार के नाम पर काम कराने के बदले पैसे ले रहे हैं। लोगों को मजबूरी में अपने काम इनसे करवाने पड़ रहे हैं। पत्र में दलालों द्वारा जनता से दो से पांच हजार रुपये लेने की बात कही गई थी। पत्र में आदेश दिए गए थे कि कार्यालयों में दलालों की एंट्री रोकने के लिए कैमरे लगाकर निगरानी की जाए।

पत्र में जिला उपायुक्त को 15 दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने और दलालों की गतिविधियां बंद करने के लिए सख्त कदम उठाने को कहा गया था। इससे पहले 17 जनवरी को भ्रष्ट पटवारियों की लिस्ट सामने आई थी। इन दो सूचियों के सामने आने के बाद अब सरकारी विभागों में भी हड़कंप मचा हुआ है। आगामी दिनों में इसी तरह की अन्य सूचियां भी सामने आ सकती हैं।

 इंतकाल कराने के नाम पर कमीशन लेने का खेल

रजिस्ट्रियों, इंतकाल कराने के नाम पर लोगों से रिश्वत लेने का खेल बीते कई वर्षों से चल रहा है। जिले की पलवल, होडल, हथीन और हसनपुर तहसील कार्यालय में सक्रिय 17 दलालों के नाम सामने आए हैं। इनमें कई अधिवक्ता, वसीका नवीस और नायब तहसीलदार के निजी चालक के नाम शामिल हैं।

रजिस्ट्रि कराने आने वाले लोगों के कागजों में कमियां बताकर यह दलाल दो से पांच प्रतिशत तक की कमीशन लेते हैं। यदि कमीशन देने से इनकार किया जाता है तो कागजातों में कमी बताकर लोगों से चक्कर लगवाए जाते हैं। दलाल लोगों से नंबरदार, रजिस्ट्री क्लर्क, फोटो खिंचवाने, तहसीलदार के नाम पर यह कमीशन लेते हैं।यह कमीशन हजारों से लेकर लाखों रुपयों तक होती है। जिले की तहसीलों में ऐसे दर्जनों दलाल सक्रिय हैं। इस कमीशन का बड़ा हिस्सा कई सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों तक पहुंचाया जाता है। ऐसे में आने वाले दिनों में कई अधिकारी और कर्मचारी भी जांच के लपेटे में आ सकते हैं।