Bhiwani News भिवानी नगर परिषद में प्रॉपर्टी आईडी हेरफेर का एक नया मामला सामने आया है। अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से दो महीने पहले खरीदी गई दुकान के मालिक का नाम प्रॉपर्टी आईडी में बदल दिया गया।

फर्जीवाड़े का ऐसे हुआ खुलासा
गांव धारेडू निवासी बलराम, जो ट्रैफिक पुलिस थाना भिवानी में एसपीओ के रूप में कार्यरत हैं, ने अपनी पत्नी प्रमिला के नाम पर 30 जनवरी 2025 को एक दुकान खरीदी थी। जब प्रमिला ने संपत्ति के ऑनलाइन नक्शे के लिए आवेदन दिया, तो उन्हें पता चला कि उनकी संपत्ति अब किसी और के नाम दर्ज है।
रजिस्ट्री और इंतकाल के बाद भी हेरफेर
बलराम ने बताया कि दुकान की रजिस्ट्री और इंतकाल राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज है। नगर परिषद से उन्होंने पीआईडी अपने नाम ट्रांसफर भी करवा ली थी। प्रमिला ने संपत्ति कर का बकाया भी चुका दिया और ‘नो ड्यूज’ प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया था। लेकिन जब ऑनलाइन आवेदन किया गया, तो पीआईडी किसी कमलेश नाम के व्यक्ति के नाम पर दिखी।
नगर परिषद अधिकारियों से नहीं मिला जवाब
बलराम ने नगर परिषद अधिकारियों से इस हेरफेर की जानकारी मांगी, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। मजबूर होकर उन्होंने सीएम विंडो में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद अधिकारियों ने आनन-फानन में जांच शुरू कर दी और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया।
पूर्व सैनिक बलराम न्याय के लिए भटक रहा
बलराम, जिन्होंने 2002 से 2019 तक सेना में हवलदार के रूप में देश की सेवा की और उग्रवादियों के खिलाफ वीरता के लिए राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से सम्मान प्राप्त किया, अब न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं। उन्होंने अपनी जिंदगी की सारी जमा पूंजी इस दुकान में लगा दी थी, लेकिन रसूखदार लोग और नगर परिषद के अधिकारी उनके हक की संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
अधिकारियों का बयान
नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि प्रॉपर्टी आईडी पोर्टल पर ऑनलाइन रिकॉर्ड देखा जाएगा और यदि मलकियत संबंधी कोई गड़बड़ी पाई गई, तो उसका निपटारा किया जाएगा। हालांकि, पूरी सच्चाई रिकॉर्ड की जांच के बाद ही सामने आएगी।