HARYANA VRITANT

Bhiwani News हरियाणा में एक बुजुर्ग अधिवक्ता को साइबर ठगों ने 13 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) में रखा और 16.26 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और गिरफ्तारी का डर दिखाया। साइबर थाना पुलिस ने मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से दो को जेल भेज दिया गया है, जबकि दो को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

ईडी अधिकारी बनकर 13 दिन तक किया डिजिटल अरेस्ट

30 जनवरी को महम रोड निवासी एक बुजुर्ग अधिवक्ता के पास वॉट्सऐप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को ईडी अधिकारी बताया और कहा कि मुंबई के अंधेरी पुलिस थाने में उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज है। कॉलर ने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है और उनका फोन नंबर जल्द ही बंद कर दिया जाएगा।

इसके बाद साइबर ठगों ने अधिवक्ता को लगातार डराते हुए पूछताछ शुरू कर दी। ठगों ने उनके परिवार, संपत्ति और बैंक खातों की जानकारी मांगी। गिरफ्तारी का डर दिखाकर 13 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखा और लगातार पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाया।

16.26 लाख रुपये ऐसे ठगे

डर के माहौल में ठगों ने अधिवक्ता से कई बार में बड़ी रकम ऐंठ ली।

  • 1 फरवरी: 9.35 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए।
  • 3 फरवरी: 3.10 लाख रुपये की दूसरी किस्त ट्रांसफर करवाई।
  • 7 फरवरी: 3.81 लाख रुपये और ठग लिए।

इसके बाद भी साइबर ठगों ने प्रॉपर्टी पर लोन लेकर 40 लाख रुपये और देने की मांग की। इस पर बुजुर्ग को शक हुआ और उन्होंने अपने परिवार को इस घटना की जानकारी दी। इसके बाद साइबर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई।

चार आरोपित गिरफ्तार, दो रिमांड पर

साइबर थाना पुलिस के मुख्य सिपाही रफीक ने शनिवार को इस मामले में मुख्य आरोपित सहित चार आरोपितों को भिवानी से गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान इस प्रकार है:

  • अलीम: रोहतक जिले के निगाना गांव का निवासी।
  • मोहम्मद इस्लाम: राजस्थान के चुरू जिले के सादलपुर वार्ड नंबर 22 का निवासी।
  • मयंक: सादलपुर वार्ड नंबर 24 का निवासी।
  • कपिल: भिवानी की बैंक कॉलोनी का निवासी।

पुलिस ने आरोपित कपिल और अलीम को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया, जबकि मुख्य आरोपित मोहम्मद इस्लाम और मयंक को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

बैंक खाता बेचकर की धोखाधड़ी

पूछताछ में आरोपित कपिल ने कबूला कि उसने अपना बैंक खाता महज 4,000 रुपये में अलीम को बेचा था। बाद में अलीम ने यह खाता 6,000 रुपये में मुख्य आरोपित मोहम्मद इस्लाम को बेच दिया।

पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपितों के अन्य साथियों की पहचान करने में लगी है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराध से बचने के लिए किसी भी संदिग्ध कॉल पर तुरंत पुलिस से संपर्क करें।