Safer Internet Day भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के निर्देशानुसार, हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन के सहयोग से राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा सुरक्षित इंटरनेट दिवस पर विभिन्न स्थानों पर साइबर सुरक्षा जागरूकता सेमिनार आयोजित किए गए।

ये सेमिनार सीएमजी राजकीय महिला महाविद्यालय, भोडिया खेड़ा और स्थानीय डीपीआरसी हॉल में आयोजित किए गए। इसके अलावा, एसजीएम गुरुकुल एंड एकेडमी सहित 20 कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और 4 सरल केंद्रों में भी इसी विषय पर कार्यक्रम हुए। इन सेमिनारों का उद्देश्य आम नागरिकों, विद्यार्थियों और शिक्षकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था।
साइबर सुरक्षा पर विशेषज्ञों की अहम जानकारियां
भोडिया खेड़ा कॉलेज में हुए कार्यक्रम में जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी रमेश शर्मा और साइबर सुरक्षा थाना के उप निरीक्षक सुमित कुमार ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को ऑनलाइन सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने साइबर अपराधों, ऑनलाइन धोखाधड़ी और सोशल मीडिया सुरक्षा पर विस्तृत जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने बताया कि इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग करने के लिए मजबूत और अद्वितीय पासवर्ड बनाना आवश्यक है। इसके अलावा, ऑनलाइन अकाउंट्स की सुरक्षा बढ़ाने के लिए 2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सक्रिय करने, संदिग्ध ईमेल या अज्ञात लिंक न खोलने और साइबर अपराध से बचाव के लिए वीपीएन का उपयोग करने की सलाह दी गई।
साइबर धोखाधड़ी से बचाव के लिए दिए गए सुझाव
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को निम्नलिखित सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई:
- मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें और इसे नियमित रूप से अपडेट करें।
- ऑनलाइन अकाउंट्स के लिए 2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सक्रिय करें ताकि अतिरिक्त सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
- संदिग्ध ईमेल, फर्जी लिंक या अज्ञात फाइल को न खोलें, क्योंकि वे साइबर हमले का कारण बन सकते हैं।
- सार्वजनिक स्थानों पर अपने निजी डेटा (मोबाइल नंबर, बैंक डिटेल्स आदि) साझा करने से बचें।
- साइबर अपराध की किसी भी घटना की तुरंत रिपोर्ट करें। इसके लिए राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को साइबर खतरों से बचाव के उपाय सिखाना था। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, ताकि लोग सुरक्षित और सतर्क रहकर डिजिटल दुनिया का लाभ उठा सकें।