HARYANA VRITANT

Ambala News अंबाला जिले से 13 लोग सोमवार को अमेरिका से डिपोर्ट होकर अपने घर लौटे। इनमें से अधिकांश लोग बराड़ा क्षेत्र के निवासी हैं। इन लोगों ने विदेश जाने के लिए अपनी ज़मीनें बेचीं, गहने गिरवी रखे और बैंक से कर्ज लिया था, लेकिन डंकी मार्ग के जरिए अमेरिका पहुंचने की उनकी कोशिश नाकाम रही। अमेरिका पहुंचने के बाद उन्हें पकड़ लिया गया और अब वे खाली हाथ वापस घर लौट आए हैं।

लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद मिली निराशा

इन 13 लोगों ने अमेरिका जाने के लिए अपनी ज़िंदगी दाव पर लगा दी थी। कुछ ने अपनी ज़मीनें और प्लॉट बेच दिए, तो कुछ ने गहनों पर लोन लिया। अधिकांश लोग टूरिस्ट वीजा पर विदेश गए थे और वहीं से डंकी मार्ग के जरिए अमेरिका जाने की योजना बनाई थी। हालांकि, जैसे ही ये लोग अमेरिका पहुंचे, उन्हें पकड़ लिया गया और अब उनका सारा पैसा मिट्टी में मिल गया।

अलग-अलग परिवारों ने खर्च किए लाखों रुपये

अंबाला जिले के विभिन्न गांवों से संबंधित इन 13 लोगों ने अपनी यात्रा के लिए लाखों रुपये खर्च किए। एक परिवार ने अमेरिका पहुंचने के लिए करीब 80 लाख रुपये खर्च किए थे। अन्य ने 40 से 45 लाख रुपये खर्च किए थे, लेकिन अंत में इन सबका सपना टूट गया।

केस नंबर 1: लवप्रीत का दुःख

लवप्रीत ने करीब 50 लाख रुपये खर्च करके अमेरिका जाने की कोशिश की थी। उसके परिवार ने बताया कि लवप्रीत पहले भी किसी दूसरे देश में गया था, लेकिन वहां से उसे वापस आना पड़ा था। अब, उसे भी डिपोर्ट करके भारत वापस भेज दिया गया है, और उसका सपना चकनाचूर हो गया है।

केस नंबर 2: शम्मी सैनी

शम्मी सैनी के परिवार ने अमेरिका जाने के लिए 43 लाख रुपये खर्च किए थे, लेकिन अमेरिका पहुंचने के बाद शम्मी को डिपोर्ट कर दिया गया। उसकी यात्रा का सपना भी टूट गया और वह वापस घर लौट आया।

केस नंबर 3: दिलप्रीत सिंह

दिलप्रीत सिंह के परिवार ने एक एकड़ ज़मीन बेचकर उसे अमेरिका भेजा था। दिलप्रीत ने टूरिस्ट वीजा पर अमेरिका जाने का फैसला किया था, लेकिन डंकी मार्ग से वह वहां पहुंचते ही पकड़ा गया। अब उसका परिवार भी मायूस हो गया है।

केस नंबर 4: नीतू रानी

नीतू रानी, जो बैंक से लोन लेकर अमेरिका जाने की योजना बना रही थी, अब डिपोर्ट होकर भारत लौट आई है। उसका सपना भी टूट चुका है, और वह अब वापस घर में गहरे सदमे में है।

केस नंबर 5: ऋषभ सैनी

ऋषभ सैनी ने अपनी पढ़ाई के लिए इंग्लैंड से अमेरिका का रुख किया था। हालांकि, डंकी मार्ग के जरिए वहां पहुंचने पर उसे भी पकड़ लिया गया और अब वह घर लौट आया है।

केस नंबर 6: पूरा परिवार लौट आया

खान अहमदपुर गांव के एक पूरे परिवार ने अमेरिका पहुंचने के लिए 80 लाख रुपये खर्च किए थे। इस परिवार में जगविंद्र सिंह, उसकी पत्नी जगमीत कौर, बेटी महकदीप कौर और बेटा रवनीत सिंह शामिल थे। 29 दिसंबर को टूरिस्ट वीजा पर वे फ्रांस गए थे और वहां से डंकी मार्ग से अमेरिका पहुंचे थे, लेकिन अब वे भी घर लौट आए हैं।

आखिरी सबक: खाली हाथ लौटे सभी

यह कहानी उन लोगों के लिए एक चेतावनी बन गई है, जिन्होंने अपनी ज़िंदगी और पैसे दांव पर लगाकर अमेरिका जाने का सपना देखा था। अब इन सभी के पास कुछ नहीं बचा और परिजनों के चेहरे पर ग़म साफ़ देखा जा सकता है। उनका सारा खर्च किया हुआ रुपया खत्म हो गया है, और उनके लिए यह अनुभव एक गहरा सदमा बन चुका है।