Ambala News हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के एक वर्ष पूरे होने पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने इसे “हिन्दुस्तान का पुनर्जागरण” बताते हुए कहा कि यह भारतीय संस्कृति और धर्म के लिए गर्व का क्षण है। विज ने कहा कि 500 वर्षों तक भगवान राम के जन्मस्थान पर अनाधिकृत कब्जा था, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में हटाया गया। आज वहां भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है, जो भारतीय गौरव का प्रतीक है।

किसान आंदोलन पर विज की तीखी प्रतिक्रिया
किसान नेता डल्लेवाल की बिगड़ती सेहत को लेकर अनिल विज ने आम आदमी पार्टी (आप) और पंजाब सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पंजाब की धरती पर हो रहा है, जहां ज्यादातर किसान भी पंजाब से हैं। विज ने कहा कि पंजाब में आप की सरकार है, लेकिन अरविंद केजरीवाल ने अब तक डल्लेवाल से बात नहीं की। कोर्ट ने डल्लेवाल की सेहत को लेकर दिशा-निर्देश दिए थे, लेकिन उनकी पालना नहीं की गई।
विज ने आम आदमी पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि यह पार्टी चुनावी समय में ही बड़े-बड़े वादे करती है। उन्होंने सवाल उठाया कि पिछले 10 वर्षों में आप ने क्या किया है? आज वे ऑटो और टेंपो चालकों को सुविधाएं देने की बात कर रहे हैं, लेकिन इसे चुनाव जीतने की शर्त बना दिया है।
राम मंदिर: सांस्कृतिक पुनर्जागरण की पहचान
अनिल विज ने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को सांस्कृतिक जागृति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि भगवान राम का जन्मस्थान 500 साल तक अनाधिकृत कब्जे में रहा, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इसे मुक्त कराया गया। विज ने इसे भारतीय संस्कृति की जीत बताते हुए कहा कि राम मंदिर का निर्माण देश के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण है।
सनातन धर्म पर विज की प्रतिक्रिया
सांसद चंद्रशेखर आजाद के महाकुंभ पर दिए गए बयान का जवाब देते हुए अनिल विज ने कहा कि सनातन धर्म को समझना हर किसी के बस की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के आयोजनों और परंपराओं को वही समझ सकता है, जिसने इसे गहराई से जाना हो। विज ने कहा कि जो लोग सनातन धर्म की मूल भावना को नहीं समझते, उन्हें इस पर बयान देने का अधिकार नहीं है।
अनिल विज ने अपने बयानों में स्पष्ट किया कि वे भारतीय संस्कृति, धर्म, और किसान आंदोलन जैसे मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त करने में हमेशा बेबाक रहते हैं।