HARYANA VRITANT

Ambala News हरियाणा सरकार ने प्रदेश की 380 राजकीय और निजी आईटीआई में नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग (NCVT) ट्रेड में प्रशिक्षण ले रहे 40 हजार विद्यार्थियों की निश्शुल्क बस पास सुविधा समाप्त कर दी है। इस फैसले से प्रभावित होने वालों में 20 हजार छात्राएं भी शामिल हैं।

बस पास के लिए अब भरनी होगी फीस

अब NCVT ट्रेड में प्रशिक्षण ले रहे छात्रों को बस पास के लिए फीस देनी होगी। पहले प्रदेशभर के स्कूल और कॉलेज के छात्रों को यह सुविधा दी जा रही थी, लेकिन अब आईटीआई के इन छात्रों को इससे वंचित कर दिया गया है।

प्रदेशभर की आईटीआई पर असर

हरियाणा में कुल 194 राजकीय और 186 निजी आईटीआई संस्थान हैं, जिनमें 69,437 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। इनमें से 54,752 विद्यार्थी सरकारी और 14,682 विद्यार्थी निजी आईटीआई में नामांकित हैं।

अधिकारियों का पक्ष

हरियाणा रोडवेज अंबाला के जीएम अश्वनी डोगरा ने कहा कि यह निर्णय नियमों के आधार पर लिया गया है। केवल स्टेट काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग (SCVT) के तहत आने वाली ट्रेड के छात्रों को ही निश्शुल्क बस पास सुविधा दी जाएगी, जबकि NCVT के छात्रों को फीस भरनी होगी।

प्रशिक्षुओं और संस्थानों की चिंता

राजकीय महिला आईटीआई अंबाला की प्रिंसिपल गुरचरण ने बताया कि उनकी आईटीआई में 330 छात्राएं NCVT ट्रेड में प्रशिक्षण ले रही हैं, जिन्हें पहले निश्शुल्क बस पास मिलता था, लेकिन अब उनसे फीस मांगी जा रही है।

राज्य बनाम केंद्र का तर्क

अधिकारियों का कहना है कि NCVT केंद्र सरकार द्वारा संचालित ट्रेड हैं, जबकि SCVT राज्य सरकार के अंतर्गत आती हैं। इसलिए राज्य सरकार केवल अपने अधीन आने वाले ट्रेड के छात्रों को ही यह सुविधा दे सकती है।

छात्राओं को पहले दी गई थी सुविधा

दिसंबर 2013 में हरियाणा सरकार ने छात्राओं को निश्शुल्क बस पास की सुविधा दी थी, जिसे 2017 में 60 किमी से बढ़ाकर 150 किमी तक कर दिया गया था। लेकिन अब NCVT के छात्रों को इससे बाहर कर दिया गया है, जिससे हजारों विद्यार्थी प्रभावित होंगे।