Ambala News हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना महंगा पड़ता दिख रहा है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बडौली ने विज को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा है।

जेपी नड्डा के निर्देशों का हवाला
प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के निर्देशों का हवाला देते हुए विज के बयानों को पार्टी की नीतियों के खिलाफ और अनुशासनहीनता करार दिया।
विज की बयानबाजी बनी विवाद का कारण
सीएम के हेलिकॉप्टर और इस्तीफे पर टिप्पणी
विज ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि वह “उड़नखटोले” में घूम रहे हैं और उन्हें जमीन पर उतरकर जनता की समस्याएं सुननी चाहिए। इसके अलावा, कसौली दुष्कर्म कांड के बाद विज ने प्रदेश अध्यक्ष बडौली से इस्तीफे की मांग भी की थी।
क्या मंत्री पद खतरे में?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि पार्टी उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुई, तो विज का मंत्री पद खतरे में पड़ सकता है। दिल्ली में भाजपा की जीत के बाद पार्टी ने विज को नोटिस जारी कर कार्यकर्ताओं को कड़ा संदेश देने की कोशिश की है।
विज की लगातार बयानबाजी से बढ़ा तनाव
लगातार 5 दिनों तक सरकार पर हमलावर
- 30 जनवरी: विज का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने कहा कि उनके आदेशों की पालना नहीं होती, अफसर छोटे-छोटे काम तक अटका देते हैं।
- 31 जनवरी: विज ने कहा कि सीएम सैनी “उड़नखटोले” में घूम रहे हैं, उन्हें नीचे उतरकर जनता की समस्याएं देखनी चाहिए। इसके बाद अंबाला के डीसी को हटा दिया गया।
- 1 फरवरी: विज ने फिल्म पुष्पा का साइन दिखाते हुए कहा, “जो कुछ मैं बोलता हूं, वह मेरी आत्मा बोलती है।”
- 2 फरवरी: रोहतक और गोहाना में विज ने फिर बयान दिया कि “मंत्री किसी को देकर नहीं बना, जब चाहे हटा सकते हैं। लेकिन विधायक जनता ने बनाया है, वह कोई नहीं छीन सकता।”
- 3 फरवरी: विज ने कहा, “मैं इस्तीफा देने के लिए नहीं बना, मैं इस्तीफा दिलवाने के लिए बना हूं। चुप रहना भी अपराध है और मैं चुप नहीं बैठूंगा।”
विज की नाराजगी दूर करने को उठाए गए कदम
विज ने विधानसभा चुनाव में पार्टी के कुछ नेताओं पर सहयोग न करने का आरोप लगाया था। उनके बयानों के बाद भाजपा ने अंबाला के कोषाध्यक्ष आशीष तायल को पदमुक्त कर दिया और डीसी पार्थ गुप्ता का तबादला कर दिया।
नोटिस में क्या लिखा है?
भाजपा ने नोटिस में लिखा है कि अनिल विज ने पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के खिलाफ सार्वजनिक बयान देकर अनुशासनहीनता की है। पार्टी के चुनावी अभियान के बीच ऐसे बयान से संगठन की छवि को नुकसान पहुंचा है। तीन दिनों के भीतर उनसे लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।

अब देखना यह होगा कि अनिल विज इस नोटिस का क्या जवाब देते हैं और भाजपा उनके खिलाफ क्या रुख अपनाती है।