HARYANA VRITANT

Ambala News अंबाला सिटी। सरकारी अस्पतालों में महिलाओं और बच्चों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके बावजूद अधिकांश महिलाएं मुफ्त प्रसव सुविधाएं छोड़कर निजी अस्पतालों में इलाज करवा रही हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2024 में जिले में हुए कुल 11,415 प्रसवों में से 6,000 प्रसव निजी अस्पतालों में हुए।

सरकारी प्रयास: मुफ्त सेवाएं और बेहतर डाइट

सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सुधार के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है। माताओं को बेहतर डाइट देने के लिए फलों, सब्जियों, और ड्राई फ्रूट्स की सुविधा शुरू की गई है। बावजूद इसके, ग्रामीण इलाकों में सुविधाओं की कमी से लोग निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है। नारायणगढ़, शहजादपुर, और बराड़ा जैसे इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं सीमित हैं। ऐसे में ग्रामीण मरीजों को नागरिक अस्पताल या निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है।

अप्रैल-नवंबर 2024: प्रसव के आंकड़े

संस्थान का नामकुल प्रसव
सिटी नागरिक अस्पताल2022
छावनी नागरिक अस्पताल1686
एमएम अस्पताल, मुलाना1647
निजी अस्पताल4416
अन्य सरकारी संस्थान382

ऑपरेशन के मामलों में वृद्धि

2024 में हुए कुल 11,415 प्रसवों में से 4,795 मामले ऑपरेशन द्वारा प्रसव के थे। यह कुल मामलों का लगभग 45 प्रतिशत है। वहीं, 6,620 प्रसव सामान्य तरीके से हुए।

सरकारी प्रयास और नोडल अधिकारी का बयान

डॉ. विपिन भंडारी, नोडल अधिकारी (एनएचएम), के अनुसार, विभाग व्यवस्थाओं में सुधार के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। एमएम अस्पताल के साथ अनुबंध के चलते गर्भवती महिलाएं वहां जाना अधिक पसंद करती हैं। नारायणगढ़ अस्पताल में भी ऑपरेशन की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि महिलाओं को निजी अस्पतालों में जाने की जरूरत न पड़े।