हिसार महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट पर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) का स्टाफ पहुंच गया है। एयरपोर्ट पर पहुंचने वालों में एएआई के प्रशासक, मैनेजर, जेई व तकनीकी स्टाफ शामिल है। मंगलवार को एएआई एयरपोर्ट को अपने अधीन ले लेगी। अभी तक एयरपोर्ट पर निर्माण कार्य चल रहा था और यह एचएसआईआईडीसी के अधीन था। भविष्य में एयरपोर्ट पर संचालन संबंधी कार्य एएआई ही करेगी।

बता दें कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) देश में नागरिक उड्डयन बुनियादी ढांचे के निर्माण, उन्नयन, रखरखाव और प्रबंधन के लिए जिम्मेदार एक वैधानिक निकाय है, जो केंद्र सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन है।
सोमवार को एलायंस एयर की टीम एयरपोर्ट पर नहीं पहुंची। सूत्रों की मानें तो तकनीकी कारणों की वजह से टीम एयरपोर्ट पर नहीं आई। हालांकि टीम के जल्द ही एयरपोर्ट पर पहुंचने की संभावना है। एलायंस एयर की टीम को ट्रायल लैंडिंग के लिए सोमवार को एयरपोर्ट पर पहुंचना था। इस दौरान कंपनी को विमान की लैंडिंग भी एयरपोर्ट पर करवानी थी, ताकि उड़ान सेवाओं के संचालन में आ रही छोटी-मोटी खामियों का पता चल सके।
एयरपोर्ट घोटाले की जांच सीटिंग जज से करवाई जाए-सांसद जयप्रकाश
उधर, एयरपोर्ट को लेकर राजनीति जारी है। हिसार से सांसद जयप्रकाश ने एयरपोर्ट निर्माण में बरती गईं अनियमितताओं को लेकर भाजपा सरकार को घेरा है। सांसद जयप्रकाश ने कहा कि जब भी चुनाव आते हैं तो भाजपा हिसार इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम पर वोट मांगती है। इस बार भी उन्होंने इसके नाम पर वोट मांगे। मैंने यह कहा था कि भाजपा के नेता हिसार एयरपोर्ट के नाम पर झूठ बोल रहे हैं। अगर यह इंटरनेशनल एयरपोर्ट है तो मैं इस्तीफा दे दूंगा, वरना भाजपा नेताओं व सरकार को जनता से माफी मांगनी चाहिए। सांसद जयप्रकाश सोमवार सुबह पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि मैं आज भी यही बात दोहराता हूं कि अगर आज तक भी यह एयरपोर्ट इंटरनेशनल है तो मैं तो इस्तीफा देने को तैयार हूं। भाजपा सरकार बेर को अंगूर कहते आए हैं कि अब वह नहीं बच पाएंगे। मैं उनके झूठ को उजागर करता रहूंगा। डीजीसीए का जो फैसला आया है, उसमें सरकार व तत्कालीन सिविल एविएशन मंत्री व पीडब्ल्यूडी बीएंडआर मंत्री पर आरोप लगाए हैं कि यह 180 करोड़ रुपये का घोटाला है।
वह मांग करते हैं कि बीएंडआर के इस घोटाले की जांच किसी सीटिंग जज से करवाई जाए। सांसद ने कहा कि यह सिर्फ इंटरनेशनल ही नहीं, डोमेस्टिक एयरपोर्ट भी नहीं है। यहां न तो नाइट लैंडिंग की सुविधा है। अगर यहां सब कुछ कंप्लीट था तो हरियाणा सरकार ने बजट में 530 करोड़ रुपये का प्रावधान क्यों रखा। मैं डॉ. कमल गुप्ता व अन्य नेताओं ये यह कहना चाहता हूं कि उनका नैतिक दायित्व बनता है कि वह लोगों से माफी मांगे, क्योंकि आपने इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम पर वोट लिए हैं।