All Party Meeting: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े हालातों के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को दिल्ली में सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस बैठक में सरकार ने विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं को मौजूदा अंतरराष्ट्रीय स्थिति और भारत की कूटनीतिक रणनीति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बैठक के दौरान विदेश मंत्री Subrahmanyam Jaishankar ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “भारत किसी भी देश के बीच दलाली करने वाला देश नहीं हो सकता।”

बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने संसद भवन में की। इसमें सरकार और विपक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
पाकिस्तान की मध्यस्थता कोशिशों पर जयशंकर का जवाब | All Party Meeting
बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि Pakistan ने Iran और United States के बीच मध्यस्थता करने का प्रस्ताव देकर अपनी कूटनीतिक भूमिका बढ़ाने की कोशिश की है। इस पर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय विवादों में खुद को शामिल करने की कोशिश करता रहा है और कई बार बिचौलिये की भूमिका निभाने का प्रयास करता है।
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत एक बड़ा और जिम्मेदार देश है, इसलिए वह अपनी विदेश नीति को स्वतंत्र और संतुलित तरीके से चलाता है। भारत का लक्ष्य किसी विवाद में दलाल बनना नहीं, बल्कि अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हुए शांति और स्थिरता का समर्थन करना है। All Party Meeting

उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हाल ही में Donald Trump से बातचीत के दौरान कहा कि युद्ध से सभी देशों को नुकसान होता है और इसे जल्द समाप्त करने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए।
जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक और मित्रतापूर्ण संबंध रहे हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बना हुआ है। हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत के स्वरूप और भविष्य को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। All Party Meeting
इस सर्वदलीय बैठक में सरकार की ओर से गृह मंत्री Amit Shah, वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman, पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri और संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju मौजूद रहे। वहीं विपक्ष की ओर से कांग्रेस के Mukul Wasnik, सीपीएम के John Brittas, एआईएमआईएम के Asaduddin Owaisi, एनसीपी की Supriya Sule और आम आदमी पार्टी के Sanjay Singh समेत कई नेता शामिल हुए। All Party Meeting
बैठक के माध्यम से केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट पर भारत लगातार नजर बनाए हुए है और देश की विदेश नीति राष्ट्रीय हितों, क्षेत्रीय शांति और संतुलित कूटनीति पर आधारित है।