8 साल निलंबन के बाद शिक्षिका रचना गुप्ता को मिलेगा पूरा वेतन, हाई कोर्ट का आदेश

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार के पॉलिटेक्निक संस्थान में वरिष्ठ व्याख्याता रचना गुप्ता को बड़ी राहत देते हुए उनकी आठ साल से अधिक की निलंबन अवधि को ड्यूटी मानने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति हरप्रीत सिंह बराड़ की पीठ ने कहा कि आपराधिक मामले में बरी होने और विभागीय आरोपपत्र वापस लिए जाने के बाद सरकार उन्हें वेतन लाभ से वंचित नहीं कर सकती।

अदालत ने हरियाणा सरकार के 20 दिसंबर 2022 के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें 26 जून 2014 से 2 जनवरी 2023 तक की निलंबन अवधि को अर्जित छुट्टी में समायोजित किया गया था। अब रचना गुप्ता को निर्वाह भत्ते की राशि समायोजित कर पूरा वेतन-भत्ता, छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज और अन्य सेवा लाभ दिए जाएंगे। यह वित्तीय लाभ याचिका दायर करने की तारीख से तीन महीने के भीतर जारी करने का निर्देश दिया गया है।

रचना गुप्ता सितंबर 2003 में हरियाणा लोक सेवा आयोग के माध्यम से कंप्यूटर इंजीनियरिंग की वरिष्ठ व्याख्याता नियुक्त हुई थीं। नवंबर 2009 में अनुभव प्रमाणपत्र फर्जी बताते हुए राज्य सतर्कता ब्यूरो ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। जून 2014 में उन्हें निलंबित कर दिया गया था।

हालांकि, करनाल के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने जनवरी 2016 में उन्हें और अन्य आरोपितों को बरी कर दिया। अपील नवंबर 2019 में वापस ली गई और दिसंबर 2022 में विभागीय आरोपपत्र भी वापस हुआ। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष के 27 गवाहों के बावजूद आरोप साबित नहीं हुए और सरकार ने भी विभागीय सजा नहीं दी, इसलिए निलंबन के वित्तीय दुष्परिणाम जारी रखने का कोई कानूनी आधार नहीं है।