
त्वचा की देखभाल के लिए प्राकृतिक उपचारों में मुल्तानी मिट्टी का नाम सबसे ऊपर आता है। यह सदियों से भारतीय ब्यूटी रूटीन का अहम हिस्सा रहा है। डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. आंचल पंथ के अनुसार, मुल्तानी मिट्टी में मौजूद खनिज तत्व त्वचा के लिए बेहद लाभकारी होते हैं।
मुल्तानी मिट्टी चेहरे पर लगाने से कई समस्याओं का समाधान होता है। यह त्वचा की अतिरिक्त तेल को सोख लेती है, जिससे तैलीय त्वचा वालों को विशेष फायदा मिलता है। साथ ही, यह रोमछिद्रों को गहराई से साफ करती है और मुंहासों की समस्या को कम करने में मदद करती है। इसके नियमित इस्तेमाल से त्वचा में प्राकृतिक निखार आता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मुल्तानी मिट्टी को अलग-अलग चीजों के साथ मिलाकर लगाने से इसके फायदे और भी बढ़ जाते हैं। शुष्क त्वचा के लिए इसे दूध या शहद के साथ मिलाना उपयोगी है। तैलीय त्वचा वाले लोग इसे गुलाब जल या नींबू के रस के साथ मिला सकते हैं। संवेदनशील त्वचा के लिए एलोवेरा जेल के साथ मिलाना सबसे बेहतर विकल्प है।
हालांकि, डॉ. पंथ सलाह देती हैं कि मुल्तानी मिट्टी का फेस पैक हफ्ते में दो बार से ज्यादा नहीं लगाना चाहिए। इसे पूरी तरह सूखने से पहले ही धो लेना चाहिए, वरना त्वचा अत्यधिक शुष्क हो सकती है। सही तरीके से इस्तेमाल करने पर यह प्राकृतिक सौंदर्य उपचार आपकी त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बना सकता है।