
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा को राज्य कैबिनेट से बड़ी राहत मिली है। कैबिनेट ने सरकारी कोठी के 27 लाख रुपये से अधिक के बकाया पेनल रेंट को माफ करने का निर्णय लिया है। यह राशि उस अवधि से संबंधित है जब हुड्डा मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद भी आधिकारिक आवास में रहे थे।
सूत्रों के अनुसार, हुड्डा ने अपने कार्यकाल की समाप्ति के बाद निर्धारित अवधि से अधिक समय तक सरकारी निवास में रहने के कारण यह बकाया जमा हुआ था। राज्य के नियमों के तहत, पूर्व मुख्यमंत्रियों को पद छोड़ने के बाद एक निश्चित अवधि के भीतर सरकारी आवास खाली करना होता है, जिसके बाद पेनल रेंट लागू होता है।
हरियाणा कैबिनेट की बैठक में लिए गए इस फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है। विपक्षी दलों ने इस निर्णय पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यह एक पक्षपातपूर्ण कदम है। हालांकि, सरकारी सूत्रों का कहना है कि यह निर्णय नियमों के अनुसार और उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए लिया गया है।
हुड्डा ने 2005 से 2014 तक हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया था और वर्तमान में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। इस फैसले से उन्हें वित्तीय राहत मिलने के साथ ही राजनीतिक बहस भी तेज होने की संभावना है।