हरियाणा में बिजली कर्मचारियों का आक्रोश, 11-13 अगस्त को राज्यव्यापी हड़ताल की घोषणा

हरियाणा में बिजली कर्मचारियों और इंजीनियर्स ने राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त संधर्ष मोर्चा के बैनर तले सोमवार को प्रदेशभर के डिवीजन स्तरों पर प्रदर्शन किए गए। संयुक्त किसान मोर्चा और मजदूर संगठनों ने भी इन विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय भागीदारी की और आंदोलन के प्रति एकजुटता व्यक्त की।

मोर्चा ने 11 से 13 अगस्त तक तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। वरिष्ठ नेताओं रविन्द्र घणघस, बलजीत बेनीवाल, देवेंद्र सिंह हुड्डा और अन्य ने बताया कि यह हड़ताल नूंह और गुरुग्राम में समानांतर लाइसेंस देने, 15 अगस्त से कृषि क्षेत्र के लिए अलग एग्री डिस्कॉम बनाने और स्मार्ट मीटरिंग के विरोध में की जा रही है। इसके अतिरिक्त ठेका कर्मचारियों को स्थायी करने, पांच हजार रुपए रिस्क अलाउंस, निजीकरण पर रोक और रिक्त पदों को नियमित भर्ती से भरने की मांग भी शामिल है।

आंदोलन के अगले चरण में 4 और 5 अगस्त को भी प्रदर्शन जारी रहेंगे, जबकि 6 से 8 अगस्त तक राज्य की सभी सब डिवीजनों में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। मोर्चा के नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार और निगम प्रबंधन हड़ताल के नोटिस को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। देवेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सोनीपत में वितरण का ऑपरेशन और मेंटेनेंस का काम निजी एजेंसी को सौंपना जले पर नमक छिड़कने जैसा है।

नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज एंड इंजीनियर्स के वरिष्ठ सदस्य सुभाष लांबा ने बताया कि 4 अगस्त को ऑनलाइन बैठक बुलाई गई है, जिसमें देशभर में हरियाणा के बिजली कर्मचारियों के समर्थन में प्रदर्शन करने का फैसला लिया जा सकता है। उन्होंने हरियाणा सरकार से समानांतर लाइसेंस, एग्री डिस्कॉम और स्मार्ट मीटरिंग का निर्णय तुरंत वापस लेने और कर्मचारियों की सभी मांगों पर बातचीत कर हड़ताल टालने की अपील की है।