
हरियाणा ने एक बार फिर राजकोषीय प्रदर्शन में देश में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी है। वित्त वर्ष 2024-25 के शुरुआती चार महीनों में राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) संग्रह की वृद्धि दर में हरियाणा ने देश के सभी राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।
यह उपलब्धि राज्य की मजबूत आर्थिक नीतियों और कर प्रशासन में सुधार का परिणाम मानी जा रही है। एसजीएसटी संग्रह में यह उल्लेखनीय वृद्धि राज्य में व्यापारिक गतिविधियों में तेजी और कर अनुपालन में सुधार को दर्शाती है। अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल कर प्रणाली और पारदर्शिता के प्रयासों ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
यह लगातार दूसरी बार है जब हरियाणा ने एसजीएसटी संग्रह वृद्धि में देश में शीर्ष स्थान हासिल किया है। राज्य सरकार ने इस प्रदर्शन को विकास और राजकोषीय अनुशासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया है। औद्योगिक विकास और निवेश के अनुकूल माहौल ने भी कर संग्रह में योगदान दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रगति हरियाणा की अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है और राज्य के विकास कार्यक्रमों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराएगी। आने वाले महीनों में भी इस गति को बनाए रखने की उम्मीद जताई जा रही है।